प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें और स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी को स्लोवाकियाई स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत विशेष योग प्रदर्शन देखकर बेहद खुशी हुई। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले दुनिया भर के युवाओं का योग के प्रति बढ़ता आकर्षण उत्साहजनक है।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति पेलेग्रिनी और मुझे स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत विशेष योग प्रदर्शन देखकर बहुत प्रसन्नता हुई। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के करीब आते समय युवाओं को योग अपनाते देखना बेहद सुखद है। यह देखकर भी खुशी होती है कि योग लोगों को स्वास्थ्य और कल्याण की साझा भावना के साथ जोड़ रहा है।”
इससे पहले सोमवार को स्लोवाकिया के राष्ट्रपति भवन में एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान स्लोवाकियाई बच्चों और युवाओं ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की उपस्थिति में योग का प्रदर्शन किया।
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी ने स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग प्रदर्शन का अवलोकन किया और भारत तथा स्लोवाकिया के बीच बढ़ते सांस्कृतिक संबंधों की सराहना की। दोनों नेताओं ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का सार्वभौमिक माध्यम बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक अन्य पोस्ट में प्रसिद्ध स्लोवाक विद्वान डॉ. रॉबर्ट गाफ्रिक के साथ अपनी मुलाकात का भी उल्लेख किया। डॉ. गाफ्रिक ने उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पीएम मोदी ने कहा, “ब्रातिस्लावा में कल शाम मेरी मुलाकात डॉ. रॉबर्ट गाफ्रिक से हुई, जिन्होंने उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। भारतीय इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता के प्रति उनका समर्पण सराहनीय है।”
गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर वर्ष 21 जून को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है।
योग दिवस का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान रखा था। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया।
पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें दुनिया भर के करोड़ों लोग योग सत्रों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।