मुंबई : अभिनेत्री कृति खरबंदा ने नईदिल्ली में आयोजित वी विमेन वॉन्ट कॉन्क्लेव एंड शक्ति अवॉर्ड्स 2026 में फाइनेंशियल शिक्षा को स्कूली स्तर पर शुरू करने की बात की है। उन्होंने अपनी जिंदगी का अनुभव साझा करते हुए ये भी बताया कि उन्होंने न सिर्फ 17 साल की उम्र में ही कमाना शुरू कर दिया था, बल्कि अपने परिवार की जिम्मेदारी भी संभाली थी।
कृति ने कहा, मैं हमेशा से एक लड़की और एक महिला के तौर पर आत्मनिर्भर होने की समर्थक रही हूं। मैंने 17 साल की उम्र में कमाना शुरू कर दिया था। मैंने अपने परिवार की जिम्मेदारी भी उठाई है और मुझे इस बात पर बहुत गर्व है।
कृति ने यह भी बताया कि इस साल फरवरी से उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू कर दी है और फिलहाल जियोपॉलिटिक्स के साथ अपने फाइनेंस को भी संभालना सीख रही हैं। उन्होंने कहा, पहली बार मैं अपना पूरा फाइनेंशियल पोर्टफोलियो खुद संभाल रही हूं, क्योंकि यह ऐसी चीज है जिसे मुझे खुद करना सीखना जरूरी है।
फाइनेंशियल आज़ादी को लेकर उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें यह भी समझना होगा कि दुनिया कैसे काम करती है। विशेष रूप से स्कूलों में फाइनेंशियल शिक्षा की जरूरत पर जोर देते हुए कृति ने यह भी कहा, जिस तरह हम हर महीने पीरियड्स और ओवरऑल वेल-बीइंग की बात करते हैं, उसी तरह बच्चों को यह भी सिखाया जाना चाहिए कि पैसे कैसे कमाने हैं, बचाने हैं, इन्वेस्ट करना है और फाइनेंस कैसे काम करता है।
मुझे लगता है कि यह शिक्षा स्कूल से ही मिलनी चाहिए। इसके अलावा मैं समझती हूँ कि फाइनेंशियल प्लान्स को भी समय के साथ बदलते रहना चाहिए। लोग म्यूचुअल फंड और एसआईपी की बात करते हैं और मैं भी इनके पक्ष में हूं, लेकिन आपको लगातार खुद को और अपनी रणनीति को विकसित करते रहना होगा। अगर करियर के फैसले हमेशा के लिए नहीं होते, तो हमारे फाइनेंशियल प्लान्स अलग क्यों होने चाहिए? है ना।