नई दिल्ली : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई की चिंताओं और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में मजबूत तेजी देखने को मिली। मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के चलते निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा, जिससे दोनों कीमती धातुओं को मजबूती मिली। इसके अलावा केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीदारी और मजबूत निवेश मांग ने भी सोने की कीमतों को समर्थन दिया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,59,425 रुपए के मुकाबले 1,205 रुपए यानी 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,630 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला, जो दिन का उच्चतम स्तर रहा। वहीं दिन में एक समय इसने 1,59,601 रुपए का निचला स्तर छुआ। हालांकि कारोबार के दौरान इसमें हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली, लेकिन कीमतें मजबूती के साथ बनी रहीं।
खबर लिखे जाने तक अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स 1,124 रुपए यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,60,549 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। हालांकि यह अभी भी अपने वार्षिक रिकॉर्ड उच्च स्तर 1,80,779 रुपए प्रति 10 ग्राम से नीचे बना हुआ है।
सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली। एमसीएक्स पर सितंबर डिलीवरी वाली चांदी अपने पिछले बंद 2,43,243 रुपए से 1,745 रुपए यानी 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,44,988 रुपए प्रति किलोग्राम पर खुली।
वहीं, कारोबार के दौरान चांदी 2,986 रुपए यानी 1.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,46,229 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई, जबकि एक समय इसने 2,44,251 रुपए का दिन का निम्नतम स्तर छुआ।
खबर लिखे जाने तक यह 2,054 रुपए यानी 0.84 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,45,562 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। हालांकि यह अपने सालाना रिकॉर्ड स्तर 4,20,048 रुपए प्रति किलोग्राम से अभी भी काफी नीचे है।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में तेजी का माहौल देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोना 4,577 डॉलर प्रति औंस पर खुला और बाद में यह 4,604.40 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि यह 40.60 डॉलर यानी 0.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,612 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता नजर आया।
वहीं, कॉमेक्स पर चांदी 68.29 डॉलर प्रति औंस पर खुली और एक समय 0.96 डॉलर की बढ़त के साथ 69.25 डॉलर प्रति औंस के हाई पर पहुंच गई। हालांकि यह 0.77 डॉलर यानी 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 68.88 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती नजर आई।
वैश्विक बाजार में सोना के 4,612 डॉलर और चांदी के करीब 69 डॉलर प्रति औंस के आसपास बने रहने से घरेलू बाजार को भी मजबूती मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान पर व्यापक प्रतिबंध लगाने की तैयारियों ने वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी है। इससे ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है और महंगाई के दबाव बढ़ने का जोखिम भी सामने आया है।
इसी अनिश्चितता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश साधनों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका लाभ सोना और चांदी को मिल रहा है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और बढ़ती निवेश मांग भी कीमतों को ऊपर बनाए हुए है।
कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 93.82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड लगभग 86.78 डॉलर प्रति बैरल पर है। पिछले एक सप्ताह में ब्रेंट क्रूड 7 प्रतिशत से अधिक और डब्ल्यूटीआई 8 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ चुका है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान संघर्ष के समाधान को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं होने और पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति पर बने जोखिम के चलते तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव बना रहेगा और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता खत्म नहीं होती, तब तक सोना और चांदी सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में मजबूत बने रह सकते हैं। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहती हैं और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ते हैं, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में और तेजी देखने को मिल सकती है।