नई दिल्ली(एजेंसी) : गोवा विधानसभा भवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंगलवार को आयोजित रजत जयंती समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सशक्त लोकतंत्र संवाद, विविध विचारों और सार्थक जनभागीदारी पर आधारित होता है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तब अधिक मजबूत होती हैं, जब उनमें सहमति के साथ असहमति के लिए भी पर्याप्त स्थान हो और विधायी प्रक्रिया में समाज के विभिन्न वर्गों के विचारों को शामिल किया जाए। गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू ने समारोह का उद्घाटन किया।
लोकतंत्र में संवाद और असहमति दोनों जरूरी
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधानमंडल चर्चा, संवाद, बहस और विविध विचारों के आदान-प्रदान के महत्वपूर्ण मंच हैं। भारत की लोकतांत्रिक ताकत उसकी संस्थाओं की विभिन्न विचारों और दृष्टिकोणों को समाहित करने की क्षमता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति इस बात में दिखाई देनी चाहिए कि जनता की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को नीतियों, कानूनों और प्रभावी शासन में किस तरह बदला जाता है।
जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें
भारत के वैश्विक स्तर पर बढ़ते कद का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक अनुभव और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ने विश्व में भारत की आवाज को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सभ्यतागत मूल्यों के आधार पर वैश्विक चुनौतियों के समाधान में योगदान दे रहा है। उन्होंने छोटे राज्यों में निर्वाचित प्रतिनिधियों की विशेष जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे राज्यों में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के बीच सीधा संवाद होता है। जनप्रतिनिधियों को अपने मतदाताओं की आकांक्षाओं, कठिनाइयों और चुनौतियों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनके समयबद्ध समाधान के लिए काम करना चाहिए।
प्रौद्योगिकी से बढ़ेगी विधायी प्रक्रिया की पारदर्शिता
ओम बिरला ने कहा कि प्रौद्योगिकी नागरिकों को नियमों, कानूनों, नीतियों, विधायी बहसों और समितियों के कामकाज से संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध करा सकती है। इससे विधायी प्रक्रियाओं की सार्वजनिक समझ बढ़ेगी और विधानमंडलों तथा जनता के बीच संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने विधानमंडलों में अधिक पारदर्शिता और सुलभता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
नवाचारों के लिए विधानमंडलों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो
लोकसभा अध्यक्ष ने राज्य विधानमंडलों के बीच नवाचारों को अपनाने के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विधानमंडलों को एक-दूसरे से सीखना चाहिए और प्रौद्योगिकी, विधायी प्रक्रियाओं तथा संस्थागत सुधारों के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना चाहिए। इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए विधानमंडलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करना होना चाहिए।
युवाओं की भागीदारी से बेहतर बनेंगी नीतियां
लोकसभा अध्यक्ष ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में युवाओं की अधिक भागीदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के युवा प्रौद्योगिकी, शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी हैं। विधायी प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ने से बेहतर नीतियों और कानूनों के निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने गोवा मुक्ति आंदोलन और राज्य की विधायी यात्रा को रेखांकित करने वाले चार दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करने की गोवा विधानसभा की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल युवाओं को विधायी संस्थाओं से जोड़ने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति उनकी समझ विकसित करने में मदद करती है।
विरासत और विकास के बीच गोवा ने बनाया संतुलन
ओम बिरला ने कहा कि गोवा की अपनी विशिष्ट पहचान है। राज्य प्राकृतिक सुंदरता, समुद्र तटों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ अपनी सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने पिछले 25 वर्षों में गोवा के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने वाले वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों, विधानसभा अध्यक्षों, मंत्रियों, सांसदों और विधानसभा सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों ने अपनी बहसों, विचारों और विधायी हस्तक्षेपों के माध्यम से विधानसभा की गरिमा और प्रतिष्ठा को मजबूत किया है।
पर्यटन, उद्योग और शिक्षा में गोवा ने बनाई अलग पहचान
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि गोवा की विकास यात्रा इसलिए विशिष्ट रही है क्योंकि राज्य को अपनी समृद्ध विरासत और प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित करते हुए उद्योग, व्यापार, पर्यटन और शिक्षा को एक साथ बढ़ावा देना पड़ा। यह संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी रहा है। उन्होंने कहा कि गोवा ने आज पर्यटन, उद्योग और शिक्षा के क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और साथ ही लोगों की गरिमा तथा जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखा है। उन्होंने क्रमिक सरकारों और निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने नीतियों, कानूनों और जन-उन्मुख पहलों के माध्यम से राज्य की विकास यात्रा को आगे बढ़ाया।
अगले 25 वर्षों के लिए तैयार हो दूरदर्शी रोडमैप
ओम बिरला ने कहा कि रजत जयंती केवल पिछले 25 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि अगले 25 वर्षों की कल्पना करने का भी अवसर है। उन्होंने गोवा विधानसभा से नागरिकों, युवाओं और महिलाओं की अधिकतम भागीदारी के साथ ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के अनुरूप एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को यह महसूस होना चाहिए कि विधानसभा ऐसा मंच है, जो उसकी आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और उनकी समस्याओं का समाधान करता है।
अधिक जवाबदेह और परिणाम-उन्मुख बनें लोकतांत्रिक संस्थाएं
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि अगले 25 वर्षों में लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक मजबूत, सुलभ, जवाबदेह, उत्तरदायी और परिणाम-उन्मुख बनाने पर ध्यान देना होगा। विधानमंडलों के कामकाज में जनभागीदारी बढ़ने से लोकतांत्रिक संस्थाएं नागरिकों के प्रति अधिक जवाबदेह और जिम्मेदार बनेंगी।
विधानसभा की संस्कृति और विरासत के संरक्षण पर जोर
गोवा विधानसभा को उसके वर्तमान भवन में 25 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए बिरला ने विश्वास जताया कि विधानसभा अपनी विशिष्ट संस्कृति, विरासत और प्राकृतिक पर्यावरण को संरक्षित रखते हुए गोवा के आर्थिक और सामाजिक विकास में योगदान देती रहेगी। उन्होंने वर्तमान और पूर्व सदस्यों, विधानसभा अध्यक्षों, मुख्यमंत्रियों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दीं, जिन्होंने गोवा के विकास और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में योगदान दिया है।
विशेष डाक कवर और सम्मान से जुड़े कार्यक्रम
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ने गोवा विधानसभा और सचिवालय भवन की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘कस्टमाइज्ड माई स्टैम्प एंड स्पेशल कवर विद स्पेशल कैंसिलेशन’ जारी किया। उन्होंने इस अवसर पर प्रख्यात हस्तियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री समेत कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
समारोह को गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, गोवा विधानसभा के अध्यक्ष गणेश गांवकर, गोवा सरकार के विधायी कार्य मंत्री मौविन गोडिन्हो और गोवा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ समेत अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने संबोधित किया। विधानसभा अध्यक्ष गणेश गांवकर ने स्वागत भाषण दिया, जबकि विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ पीटर डी सूजा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।