शिमला : हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों की व्यावसायिक क्षमता बढ़ाने और शिक्षण व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से वीरवार को शिमला के पीटरहॉफ में राज्यव्यापी सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। भारती एयरटेल फाउंडेशन, समग्र शिक्षा हिमाचल प्रदेश और नीति आयोग की साझेदारी से शुरू की गई इस पहल के तहत ‘द टीचर ऐप’ के माध्यम से प्रदेश के सभी शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण संसाधन, प्रशिक्षण सामग्री और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला शिक्षक हैं और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में मददगार हो सकती है, लेकिन शिक्षक का स्थान कोई भी तकनीक नहीं ले सकती। शिक्षक सूर्य के समान हैं और शिक्षा व्यवस्था रूपी सौरमंडल उनके बिना अधूरा है। विद्यार्थियों को सही दिशा देने, उनमें मानवीय मूल्यों का विकास करने और उनके व्यक्तित्व को निखारने में शिक्षक की भूमिका सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि बदलती शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षकों को नए ज्ञान, कौशल और संसाधनों से जोड़ना जरूरी है। इस कार्यक्रम से शिक्षकों को निरंतर सीखने, नवीन शिक्षण पद्धतियां अपनाने और कक्षाओं में तकनीक का प्रभावी उपयोग करने के अवसर मिलेंगे। इससे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार लाने में भी मदद मिलेगी।
शिक्षा में नवाचार और कौशल विकास पर जोर
रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दूरदराज के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ डिजिटल शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और विद्यार्थियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उनमें आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान, रचनात्मकता और तकनीकी समझ विकसित करना समय की आवश्यकता है। हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और इसमें शिक्षकों का योगदान सबसे अहम है।
160 स्कूलों में कार्य कर रहा भारती एयरटेल फाउंडेशन
स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि भारती एयरटेल फाउंडेशन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। फाउंडेशन ने शुरुआत में प्रदेश के 50 स्कूलों में कार्य शुरू किया था, जबकि वर्तमान में 160 स्कूलों में इसकी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब ‘द टीचर ऐप’ प्रदेश के सभी शिक्षकों के लिए उपलब्ध होगी। इससे शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने और शिक्षण पद्धतियों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
भारती एयरटेल फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नूरिया अंसारी ने कहा कि सशक्त शिक्षक ही बच्चों के लिए सार्थक और प्रभावी शिक्षण अनुभव तैयार करते हैं। फाउंडेशन ‘द टीचर ऐप’ के माध्यम से शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक प्रशिक्षण संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस पहल के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार, समग्र शिक्षा और नीति आयोग का आभार व्यक्त किया।
नीति आयोग के ओएसडी लेफ्टिनेंट कर्नल जितेंद्र वर्मा ने कहा कि शिक्षकों का निरंतर व्यावसायिक विकास शैक्षणिक परिणामों में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। ‘द टीचर ऐप’ शिक्षकों को व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करवाने वाला अभिनव मंच है, जो भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था तैयार करने में सहायक होगा।
हिमाचल के शिक्षकों ने एआई के उपयोग में बनाई पहचान
कार्यक्रम में प्रदेश के उन शिक्षकों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया गया, जिन्होंने शिक्षण में नवाचार, सकारात्मक सोच और एआई तकनीक के उपयोग से पहचान बनाई है। ‘द टीचर ऐप’ से संबंधित उपलब्ध विवरण के अनुसार, उड़ान पुरस्कार श्रेणी में प्रदेश के 10 शिक्षक शामिल हैं। इनमें चंबा के प्रदीप कुमार, विक्की, अश्वनी कुमार और करनैल सिंह, हमीरपुर की परवीन कुमारी, सपना शर्मा और रेणुका कुमारी, सिरमौर की बीरमा शर्मा, मंडी के संदीप कुमार तथा किन्नौर की इंद्रा कुमारी शामिल हैं।
विकासोन्मुख सोच वाले शीर्ष पांच शिक्षकों में चंबा के युधवीर टंडन, हमीरपुर के यज्ञनिश कुमार, शिमला की शीतल ठाकुर, सोलन की अंजना कुमारी धीमान और शिमला की मुक्ता शामिल हैं। वहीं, एआई टूल्स का उपयोग करने वाले शिक्षकों में हमीरपुर की मीनाक्षी शर्मा, बिलासपुर के दैजित सिंह और मंजू शर्मा, मंडी की जमना देवी तथा सोलन के नरेंद्र कुमार शामिल हैं।
3.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को मिल रहा लाभ
‘द टीचर ऐप’ भारती एयरटेल फाउंडेशन का निःशुल्क डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से देशभर में 3.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं को प्रशिक्षण और व्यावसायिक विकास के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इस ऐप पर स्व-गति आधारित प्रशिक्षण पाठ्यक्रम, विशेषज्ञों के वेबिनार, पाठ योजनाएं, मूल्यांकन के लिए एआई-सक्षम उपकरण, कक्षा शिक्षण संसाधन, प्रश्न बैंक और अध्ययन सामग्री उपलब्ध हैं।
इस अवसर पर राजकीय उच्च पाठशाला कश्मल के न्यूजलेटर ‘कश्मल क्रॉनिकल्स’ के पहले संस्करण का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. सुनीता सिंह वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। यह पहल प्रदेश में शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।