नई दिल्ली; वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू इंग्लैंड में हो गया है, लेकिन पहले दो मैच उनके लिए अच्छे नहीं रहे। शॉर्ट बॉल के सामने उनको परेशानी हुई है और यह उनके लिए नई बात नहीं है। वे पहले भी इस समस्या से रूबरू हो चुके हैं। वैभव सूर्यवंशी को क्या टीम मैनेजमेंट ने इंग्लैंड में कर दिया एक्सपोज? कमजोर कड़ी फिर बनी मुसीबत वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल और 99 दिनों की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया और वह भारत के सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल मैच खेलने वाले क्रिकेटर बन गए। इंग्लैंड के खिलाफ जारी पांच मैचों की टी20 सीरीज के दूसरे मैच में उन्हें मौका मिला था। तीसरे मैच में वे भी खेले, लेकिन उनका बल्ला नहीं चला। पहले मैच में स्टंप आउट वे हुए और दूसरे मैच में कैच आउट हुए। कुल 27 रन दो मैचों में उन्होंने बनाए हैं। हालांकि, एक सवाल उठ रहा है कि क्या जल्दबाजी में टीम मैनेजमेंट ने इस युवा को इंग्लैंड में एक्सपोज कर दिया है?
इंग्लैंड की परिस्थितियां क्रिकेट के लिए सबसे कठिन परिस्थितियों में मानी जाती हैं। यहां बल्लेबाजी करना बहुत कठिन माना जाता है। विराट कोहली जैसा धाकड़ बल्लेबाज भी यहां रनों के लिए तरस चुका है। ऐसे में 15 साल के वैभव को इंग्लैंड में खिलाकर कोई जल्दबाजी तो मैनेजमेंट ने नहीं कर दी? वैभव ने अभी सिर्फ दो ही मैच खेले हैं, लेकिन उन दोनों मैचों में एक कमजोरी उनकी उजागर हो गई है। यह कमजोरी है शॉर्ट बॉल से जुड़ी हुई।
इंग्लैंड ही नहीं, बल्कि वैभव सूर्यवंशी की यह कमजोरी इंडिया ए के श्रीलंका दौरे पर भी दिखी थी। इसके अलावा आईपीएल के कई मैचों में भी वैभव के लिए यह कमजोर पक्ष था। शॉर्ट पिच बॉलिंग पर अक्सर वे फंस जाते हैं। खासकर लगातार बाउंसर अगर कोई डाले तो वह और भी ज्यादा दिक्कत में दिखते हैं। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने वैभव के खिलाफ यह रणनीति अपनाई थी। एक मैच में वैभव स्पिन पर आउट हुए हैं, लेकिन उस लाइन और लेंथ को भी वे भांप नहीं पाए थे।
वैभव पहले भी हुए हैं बाउंसर्स पर आउट
श्रीलंका ए दौरे की बात करें तो ट्राई नेशन वनडे सीरीज में अफगानिस्तान ए और श्रीलंका ए के गेंदबाजों ने उनको कई बार शॉर्ट पिच और बाउंसर गेंद पर आउट किया था। कभी मिस टाइम पुल तो कभी अपर कट के चक्कर में वैभव आउट हुए थे। इंग्लैंड में जोश टंग और जोफ्रा आर्चर ने उन्हें अपनी पेस और बाउंसर्स से लगातार टेस्ट किया है। तीसरे टी20 मैच में दो छक्के जरूर लगाए, लेकिन वे शॉर्ट बॉल पर ही आउट हो गए।
वैसे तो 15 साल की उम्र में इंग्लैंड में उन्हीं के तेज गेंदबाजों को खेलना अपने आप में बड़ी बात है, लेकिन जिस तरह का कॉप्टीशन इस समय भारतीय टीम में छिड़ा हुआ है, उसे देखते हुए वैभव सूर्यवंशी को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। वैभव का भविष्य तो सुनहरा लग रहा है, लेकिन जिस तरह का प्रदर्शन उन्होंने अंडर 19 क्रिकेट या आईपीएल या लोकल क्रिकेट में किया है, वैसी उनकी शुरुआत इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या मैनेजमेंट बिना किसी के दबाव में आए वैभव को आखिर में इंग्लैंड में डेब्यू करा सकता था?