चंडीगढ़ : कर्मचारियों के कल्याण के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य सरकार के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आवश्यक औपचारिकताएं तत्काल पूरी करके योग्य मामलों को कार्मिक विभाग के पास भेजें, ताकि आउटसोर्स कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से सीधे ठेके के आधार पर नियुक्त किया जा सके।
कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन एवं वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने एनलिस्टमेंट आउटसोर्सिंग कोऑर्डिनेशन कमेटी के साथ उच्चस्तरीय विचार-विमर्श की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इन निर्देशों का उद्देश्य ‘पंजाब स्टेट आउटसोर्स्ड पर्सनल (ट्रांजिशन टू कॉन्ट्रैक्चुअल एंगेजमेंट) एक्ट, 2026’ के प्रभावी और सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
उन्होंने विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और संयुक्त मोर्चों के 10 प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें कीं। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि योग्य कर्मचारियों को राज्य सरकार के साथ सीधे ठेके पर रखने की कानूनी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा के कारण अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
परिवहन विभाग के कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान वित्त मंत्री चीमा ने उनकी लंबित मांगों की स्थिति की समीक्षा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। इसके बाद सीपीएफ कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनकी समस्याओं का सकारात्मक और शीघ्र समाधान करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है।
नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि नेत्रहीन उम्मीदवारों के लिए आरक्षित ग्रुप डी के 28 रिक्त पदों को भरने के लिए आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया पहले से ही जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अन्य श्रेणियों में बैकलॉग के तहत खाली पड़े पदों को भी संबंधित पदों के लिए आयोजित होने वाली आगामी भर्ती प्रक्रियाओं के दौरान भरा जाएगा।
शिक्षा विभाग की चार अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री ने उनकी मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी अधिकांश प्रमुख मांगें शीघ्र प्रशासनिक मंजूरी देने के लिए पहले से ही विचाराधीन हैं।
ग्राम पंचायत जल आपूर्ति पंप ऑपरेटर एसोसिएशन की ओर से न्यूनतम दैनिक वेतन के संबंध में सौंपे गए मांगपत्र पर कार्रवाई करते हुए वित्त मंत्री ने संबंधित विभाग को बिना किसी देरी के औपचारिक प्रस्ताव तैयार करके प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इन बैठकों के दौरान एनलिस्टमेंट आउटसोर्सिंग कोऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से वरिंदर सिंह मोमी, रमनदीप सिंह, पवनदीप सिंह, जगदीप सिंह, लछमण सिंह, हरजिंदर पाल सिंह, जसप्रीत सिंह और जतिंदर सिंह भंगू; पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब (25/11) की ओर से रेशम सिंह गिल, शमशेर सिंह और हरकेश कुमार; पंजाब रोडवेज (पनबस) स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर यूनियन की ओर से हरमिंदर सिंह और लखविंदर सिंह; 3704 अध्यापक यूनियन की ओर से जगजीवन कौर और वीरकरण सिंह; एआईई कच्चे अध्यापक यूनियन की ओर से तजिंदर कौर और हरमन सिंह; मिड-डे मील कार्यालय कर्मचारियों की ओर से परवीन शर्मा और दीपक नागपाल; पुनर्बहाल कच्चे शिक्षक यूनियन की ओर से विकास साहनी और लखविंदर कौर; नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड की ओर से बलविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, जसवंत सिंह, परमिंदर सिंह और कमलजीत सिंह; ग्राम पंचायत जल आपूर्ति पंप ऑपरेटर एसोसिएशन की ओर से बेअंत सिंह, हरप्रीत सिंह और साहिब सिंह; तथा सीपीएफ कर्मचारी यूनियन की ओर से सुखजीत सिंह डिंपी, जरनैल सिंह औजला, गुरमेल सिंह विर्क, धर्मिंदर सिंह और रणबीर सिंह ने बैठकों में अपने मुद्दे और मांगें रखीं।