नई दिल्ली: गीली आउटफील्ड सुखाने के लिए इलेक्ट्रिक पंखे, डीडीसीए से ग्राउंड कवर उधार और यूपीसीए से उधार पर सुपर सोपर लेने के बावजूद ग्रेटर नोएडा में अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट में दूसरे दिन का खेल नहीं होने से बीसीसीआई किरकिरी हुई है। शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर में लगातार दूसरे दिन मंगलवार को एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी, जिससे इस स्टेडियम पर प्रश्नचिन्ह लगे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी हो रही है सो अलग। मैदान को खेलने लायक नहीं बनाया जा सका। दोनों टीमों के बीच पहली बार हो रहा टेस्ट सोमवार से शुरू होना था, लेकिन खिलाडिय़ों की सुरक्षा का हवाला देकर अंपायरों ने पहले दिन का खेल रद्द कर दिया। सोमवार को शाम को एक घंटे बूंदाबांदी को छोडक़र बारिश नहीं हुई ,लेकिन मंगलवार को खेल की शुरुआत पर असर पड़ा। खेल सुबह आधा घंटा पहले शुरू होना था।
आसमान साफ था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मैदान को खेलने लायक नहीं बनाया जा सका। मैदानकर्मी अभ्यास परिसर से सूखी घास लाकर मिडऑन और मिडविकेट क्षेत्र में लगाने की कोशिश कर रहे थे। ऑफ साइड में तीन टेबल फैन भी लगाए गए, ताकि उसे सुखाया जा सके। बता दें कि बीसीसीआई ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को कानपुर, बंगलुरु और ग्रेटर नोएडा के विकल्प दिए थे। एसीबी ने लॉजिस्टिक कारणों से ग्रेटर नोएडा को चुना। एसीबी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैनेजर मिन्हाज राज ने कहा, यह हमेशा से अफगानिस्तान का घरेलू मैदान रहा है। हम 2016 से यहां खेल रहे हैं। बारिश के कारण यह सब हुआ।
डीडीसीए के कवर, यूपीसीए के भेजे सुपर सोपर ग्रेटर भी फेल
मंगलवार को अंपायरों ने तीन बार मुआयने के बाद दूसरे दिन का भी खेल रद्द कर दिया। मैदान में पांच सुपर सोपर लगाए गए, लेकिन काम नहीं बना। सूत्रों की मानें तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (यूपीसीए) से दो सुपर सोपर मांगे थे, जो मेरठ स्टेडियम से भेजे गए। दिन में विवाह में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक शामियाने का इस्तेमाल आउटफील्ड ढंकने के लिए किया गया और शाम को बरसाती लगाई गई। कोटला से डीडीसीए अधिकारियों ने आउटफील्ड कवर भेजे।