भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार इस बात से हैरान हैं कि क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में पुरुषों का टेस्ट मैच होने के 142 साल बाद महिलाओं के टेस्ट मैच का आयोजन होने जा रहा है। लॉर्ड्स में पहली बार खेला जाएगा वुमेंस टेस्ट, भारतीय टीम के हेड कोच ने जताई हैरानी लंदन का लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड कितना ऐतिहासिक है, इसके बारे में आप जानते ही होंगे। दुनिया के सबसे पुराने क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल और क्रिकेट का मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर 140 साल से ज्यादा समय पहले मेंस टेस्ट मैच खेला गया था, लेकिन पूरी शताब्दी बीत जाने के बाद अभी तक कोई वुमेंस टेस्ट मैच नहीं खेला गया। इस बात से भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार हैरान हैं।
लॉर्ड्स में पुरुषों का टेस्ट मैच होने के 142 साल बाद महिलाओं के टेस्ट मैच का आयोजन होने जा रहा है। भारत और इंग्लैंड की महिला टीम शुक्रवार 10 जुलाई से इस प्रतिष्ठित मैदान पर टेस्ट मैच खेलेंगी। इस ऐतिहासिक मैच से पहले इस बात पर सबका ध्यान गया है कि लॉर्ड्स में अब तक महिलाओं का कोई टेस्ट मैच नहीं हुआ है। हैरान हूं कि यहां वुमेंस टेस्ट नहीं हुआ- मजूमदार
संवाददाताओं से बात करते हुए मजूमदार ने कहा कि खिलाड़ी इस मौके का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे तो हाल ही में समाप्त हुए टी20 विश्व कप से पहले ही इसके बारे में बात करने लगीं थीं। अपने करियर के दौरान 171 प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले मजूमदार ने कहा, ''मुझे यह बात हैरान करती है कि लॉर्ड्स में यह पहला ही टेस्ट मैच (महिलाओं का) है। फिर भी मैं खुद को बहुत खुशकिस्मत मानता हूं और इसमें शामिल सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं। यह एक बहुत बड़ा मौका है और हम इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा, ''किसी भी भारतीय क्रिकेटर के लिए टेस्ट मैच खेलना ही एक सपना होता है, लॉर्ड्स में खेलना तो बहुत बड़ी बात है। मुझे यकीन है कि कल जो भी खिलाड़ी सफेद जर्सी पहनकर लॉर्ड्स में टेस्ट मैच खेलेंगी उन्हें इस बात पर गर्व होगा।'' कोच ने आगे कहा, ''हमने ड्रेसिंग रूम में हमेशा यही माना है कि पारंपरिक रूप से हमने टेस्ट मैच में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। टी20 विश्व कप शुरू होने से पहले ही सब लॉर्ड्स में होने वाले इस मैच के बारे में बात कर रहे थे।''
मार्च में इंडिया ने खेला था आखिरी टेस्ट
टी20 विश्व कप से निराशाजनक विदाई के बाद भारतीय टीम ने लाल गेंद के इस मुकाबले के लिए वर्म्सले क्रिकेट ग्राउंड पर ट्रेनिंग की। भारत ने अपना पिछला टेस्ट मैच इस साल मार्च में खेला था जबकि उससे पिछले साल कोई टेस्ट मैच नहीं खेला था। मजूमदार ने कहा, ''जो हो चुका है (टी20 विश्व कप में) उसे हम बदल नहीं सकते। हमें बस आगे देखना है और आने वाली प्रतियोगिता के लिए जितनी अच्छी तैयारी हो सके उतनी करनी है।''
घरेलू क्रिकेट में ढेर सारे रन बनाने के बावजूद मजूमदार को कभी भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिला। फिर भी लॉर्ड्स से जुड़ी उनकी अच्छी यादें हैं। उन्होंने कहा, '' मैं कुछ दिन पहले ही यह किस्सा सुना रहा था। मैं 1996 में यहां आया था। मैंने वह टेस्ट मैच देखा था जिसमें सौरव ने अपना पहला शतक लगाया था और राहुल द्रविड़ ने पदार्पण किया था।'' मजूमदार ने कहा, ''उस समय मैं यॉर्कशर में खेल रहा था और बस टेस्ट मैच देखने आया था। मैंने सौरव को शानदार शतक लगाते देखा। मैं स्टैंड में बैठा था। तो हां, कुछ बेहतरीन यादें हैं।'' मजूमदार को लगता है कि लॉर्ड्स की अनोखी ढलान से निपटना खिलाड़ियों के लिए कोई बड़ी समस्या नहीं होगी।