जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के दौरान मौजूद नहीं थे। जिस वक्त राहुल गांधी जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में भाजपा सरकार पर हमला बोल रहे थे, उस वक्त चन्नी फरीदकोट में एक रैली में शामिल हो रहे थे। पंजाब से कांग्रेस के कुल सात सांसद हैं, जिनमें से राहुल गांधी के भाषण के दौरान केवल चन्नी ही मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि सभी सांसदों को वॉट्सऐप मैसेज के जरिए उपस्थित रहने को कहा गया था।
सांसदों को भेजा गया था वॉट्सऐप मैसेज
इंडियन एक्सप्रेस ने कांग्रेस सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भले ही राहुल गांधी के भाषण के दौरान उपस्थित रहने के लिए कोई आधिकारिक 'व्हिप' जारी नहीं किया गया था। लेकिन, कांग्रेस संसदीय दल के प्रमुख और अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सभी सांसदों को वॉट्सऐप मैसेज भेजकर दोपहर 12 बजे से सदन में मौजूद रहने को कहा था। राहुल गांधी ने अपना भाषण थोड़ी देर बाद, दोपहर करीब 1 बजे दिया।
चन्नी ने फरीदकोट में किया शक्ति प्रदर्शन
चन्नी ने सदन में जाने के बजाय, फरीदकोट में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के बाहर एक धरने का नेतृत्व किया। यह प्रदर्शन फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर था, जिसमें पंजाब पुलिस ने एक अंतरराज्यीय नकल गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन का आयोजन कांग्रेस के पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह 'किक्की' ढिल्लों ने किया था। ढिल्लों पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने की मुहिम में चन्नी का समर्थन कर रहे हैं।
इस धरने में चन्नी के समर्थक कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी शामिल हुए। इनमें विधायक राणा गुरजीत सिंह (कपूरथला), तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा (फतेहगढ़ चूड़ियां), बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा (गुरदासपुर) समेत पूर्व मंत्री भरत भूषण आशु, पूर्व विधायक रमिंदर सिंह आवला, करन कौर बराड़, दर्शन सिंह बराड़ और पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक शामिल थे।
'वड़िंग को खाली बैठने के बजाय पंजाब आना चाहिए'
चन्नी के समर्थक एक नेता ने बताया कि राहुल गांधी के भाषण के दौरान चन्नी की अनुपस्थिति के ज्यादा मायने नहीं निकाले जाने चाहिए। उन्होंने कहा, "यह कार्यक्रम पहले से तय था। इसके अलावा, फार्मेसी परीक्षा लीक का मुद्दा बहुत अहम है, जिस पर कांग्रेस को आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर तीखा हमला बोलना चाहिए।" उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग पर निशाना साधते हुए कहा कि वड़िंग ने पंजाब में कोई प्रदर्शन नहीं किया है। उन्हें लोकसभा में खाली बैठकर समय बर्बाद करने के बजाय पंजाब आकर चन्नी की तरह विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करना चाहिए।
संसद परिसर में वड़िंग ने किया प्रदर्शन
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ चन्नी पंजाब में प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ राजा वड़िंग ने सांसद औजला, अमर सिंह और धर्मवीर गांधी के साथ संसद परिसर में ही पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने 'आप' सरकार के शासन में हुए कथित पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन किया और राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की।
फरीदकोट में हुए इस आयोजन ने एक बार फिर से पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को उजागर कर दिया है। राजा वड़िंग गुट से जुड़े नेता, जिनमें जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवदीप सिंह बब्बू बराड़ भी शामिल हैं, इस धरने से दूर रहे। जिला इकाई ने 31 जुलाई के लिए अपना अलग विरोध प्रदर्शन भी तय किया था, जिसे बाद में प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय के बाद टाल दिया गया।
भूपेश बघेल का 10 दिवसीय पंजाब दौरा
इन सब के बीच, पंजाब मामलों के एआईसीसी महासचिव प्रभारी भूपेश बघेल गुरुवार से राज्य के 10 दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस महीने यह उनका दूसरा दौरा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बघेल मुख्य रूप से मालवा क्षेत्र की कई विधानसभाओं का दौरा करेंगे, जिनमें फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, पटियाला, संगरूर, बरनाला, मनसा, बठिंडा, मुक्तसर, फाजिल्का, फिरोजपुर, मोगा, फरीदकोट, लुधियाना, मालेरकोटला, खन्ना, एसबीएस नगर और रूपनगर शामिल हैं। इस दौरान बघेल पार्टी के जिला अध्यक्षों के साथ बैठकें करेंगे और संगठन विस्तार व चुनाव की तैयारियों पर मंथन करेंगे।