नई दिल्ली(एजेंसी) : सोमवार को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर स्विस राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया।
पीएम मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर पहुंचे स्विस राष्ट्रपति
राष्ट्रपति पार्मेलीन प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए सोमवार को भारत पहुंचे। यह उनकी भारत की पहली राजकीय यात्रा है और इस साल की दूसरी यात्रा। इससे पहले वे फरवरी 2026 में AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए नई दिल्ली आए थे। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों और व्यापारिक नेताओं का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है।
यात्रा का मुख्य फोकस: व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार
इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य व्यापार, निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और गतिशीलता (मोबिलिटी) के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करना है। दिन में बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति गाइ पार्मेलीन द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता व्यापार-निवेश, विज्ञान-प्रौद्योगिकी, नवाचार, गतिशीलता, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान होगा, जिसमें बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग शामिल है।
राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात और आधिकारिक भोज
यात्रा के दौरान स्विस राष्ट्रपति पार्मेलीन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन करेंगी। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी स्विस राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।
भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट में भी होंगे शामिल
यह यात्रा इसलिए भी खास है क्योंकि स्विस राष्ट्रपति पार्मेलीन 7 अक्टूबर को दूसरे भारत-EFTA प्रॉस्पेरिटी समिट में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के लागू होने की पहली वर्षगांठ का प्रतीक होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश भागीदार है।
लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंध
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच नियमित उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान को आगे बढ़ाते हुए आपसी हितों के नए क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगा।गौरतलब है कि भारत के राष्ट्रपति की स्विट्जरलैंड की पिछली राजकीय यात्रा 2019 में हुई थी, जबकि प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 और 2018 में स्विट्जरलैंड की आधिकारिक यात्राएं की थीं।