भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता एवं मंडी से सांसद कंगना रनौत ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस वर्षों तक अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध करती रही और अब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। रनौत ने यहां जारी एक बयान में कहा कि हिमाचल प्रदेश और पूरे देश की जनता कांग्रेस के "दोहरे रवैये" से भली-भांति परिचित है। रनौत का यह बयान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताएं केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था की भी चोरी हैं।
कांग्रेस पार्टी ने वर्षों तक राम मंदिर के निर्माण का किया विरोध
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में मंडी सीट से रनौत के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले और पराजित हुए राज्य के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने मंगलवार को कहा था कि यदि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आया होता, तो भाजपा पूरे देश में बवाल खड़ा कर देती। भाजपा सांसद रनौत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "कांग्रेस पार्टी ने वर्षों तक राम मंदिर के निर्माण का विरोध किया और अब वही पार्टी इस मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।" उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों भारतीयों की आस्था के प्रतीक हैं और सदियों के संघर्ष, बलिदान तथा श्रद्धा के बाद ही राम मंदिर का निर्माण संभव हो सका। रनौत ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने मंदिरों की निधियों का उपयोग सरकारी योजनाओं के लिए करने का प्रयास किया तथा मंदिरों एवं धार्मिक संस्थानों के संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अब वही कांग्रेस नेता राम मंदिर की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से सनातन संस्कृति, आस्था और भारत की सभ्यतागत विरासत की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी भी आस्था को वोट बैंक की राजनीति का साधन नहीं बनाया, बल्कि उसे राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न अंग माना है। रनौत ने कहा कि जनता अब कांग्रेस की राजनीति और उसके वास्तविक चरित्र को भली-भांति समझ चुकी है।
कंगना रनौत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जनता विकास, सुशासन और जनकल्याण चाहती है न कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं का दोहन। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को राम मंदिर जैसे पवित्र मुद्दे का राजनीतिकरण करने के बजाय अपनी विफलताओं का जवाब देना चाहिए और जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहिए। उत्तर प्रदेश पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) ने राम मंदिर में चढ़ावे की नकदी के कथित गबन के मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बीच, बढ़ते विवाद के बीच ट्रस्ट ने सोमवार को अपने महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। ट्रस्ट की बैठक में कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया।