Wednesday, July 01, 2026
BREAKING
अमित शाह ने लॉन्च किए FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, 50 लाख OCI कार्डधारकों को मिलेगा लाभ जनजातीय समाज के नेतृत्व और आत्मविश्वास का केंद्र बने केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय: राष्ट्रपति मुर्मु स्वस्थ भारत के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है: जेपी नड्डा साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष के अनुभवों से तय होगी नई रणनीति पंजाब: सीएम मान ने संगरूर में ओलंपिक स्तर के स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया, कहा-भविष्य में ओलंपियनों की नर्सरी बनेगा मानवता की मिसाल: काफिला रुकवाकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को संभाला राज्यपाल घोष का आह्वान: पूर्व छात्र बढ़ाएं सहयोग, आर्थिक तंगी किसी मेधावी की पढ़ाई में न बने बाधा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का किया शुभारंभ राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाने पर अजय राय को हाउस अरेस्ट करना असंवैधानिक, विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास : राव नरेंद्र सिंह सीबीआई ने IDFC First Bank फंड गबन मामले में दो बैंक अधिकारियों को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय

राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता, विरासत की प्रक्रिया जारी रहती है : प्रधानमंत्री मोदी

18 मार्च, 2026 04:05 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बुधवार को राज्यसभा में सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों के विदाई सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता है। पीएम मोदी ने निवर्तमान सांसदों के योगदान को सराहा।

राज्यसभा में पीएम मोदी ने कहा, “यह एक ऐसा अवसर है जो हर दो साल में एक बार इस सदन में हमें भावुक क्षणों में सराबोर कर देता है। सदन में कई विषयों पर चर्चा होती है, जिनमें से प्रत्येक का अपना महत्व होता है, लेकिन जब ऐसा अवसर आता है, तो हम अपने उन सहयोगियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं जो एक विशेष उद्देश्य के लिए आगे बढ़ रहे हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कुछ सहकर्मी यहां से विदाई लेकर लौट रहे हैं, कुछ यहां से अपने अनुभव का लाभ उठाकर सामाजिक जीवन में योगदान देने जा रहे हैं। जो लोग जा रहे हैं लेकिन वापस नहीं लौटेंगे, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि राजनीति में कभी विराम नहीं लगता।” सदन के अंदर अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं, हर किसी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, कुछ खट्टे-मीठे अनुभव भी रहते हैं। लेकिन, जब ऐसा अवसर आता है, तो स्वाभाविक रूप से दलगत भावना से ऊपर उठकर हम सबके भीतर एक समान भाव प्रकट होता है कि हमारे ये साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं। आज यहां से जो साथी विदाई ले रहे हैं, उनमें से कुछ फिर से आने के लिए विदाई ले रहे हैं और कुछ विदाई के बाद यहां का अनुभव लेकर सामाजिक जीवन में कुछ न कुछ विशेष योगदान के लिए जा रहे हैं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “जो जा रहे हैं, लेकिन आने वाले नहीं हैं, उनको भी मैं कहना चाहूंगा कि राजनीति में कोई फुल स्टॉप नहीं होता है, भविष्य आपका भी इंतजार कर रहा है और आपका अनुभव, आपका योगदान राष्ट्र जीवन में हमेशा बना रहेगा।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे उपसभापति हरिवंश सदन से विदा ले रहे हैं। हरिवंश को इस सदन में लंबे समय तक अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का अवसर मिला। वे बहुत ही मृदुभाषी हैं और सदन को चलाने में सबका विश्वास जीतने का इन्होंने निरंतर प्रयास किया है।”

पीएम मोदी ने कहा कि इस सदन में से हर 2 साल के अंतराल के बाद एक बड़ा समूह हमारे बीच से जाता है। लेकिन यह ऐसी व्यवस्था है कि जो नया समूह आता है, उनको 4 साल से यहां बैठे साथियों से कुछ न कुछ सीखने का अवसर मिलता है। इसलिए एक प्रकार से यहां की विरासत एक प्रक्रिया रहती है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “छह साल तक यहां रहने का अवसर न केवल नीति-निर्माण के माध्यम से राष्ट्रीय जीवन में योगदान देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक अमूल्य अनुभव भी है जो जीवन को समृद्ध बनाता है। जब सम्मानित सांसद अपने विचारों, समझ और क्षमताओं के साथ यहां आते हैं, तो उनके जाने तक, अनुभव की शक्ति से ये गुण कई गुना बढ़ जाते हैं।”

उन्होंने कहा, “हमारे अठावले जा रहे हैं, लेकिन वे अपने हास्य और बुद्धिमत्ता से लोगों का मनोरंजन करते रहेंगे; हमें इस बात का पूरा भरोसा है। हर दो साल में इस सदन में एक भव्य विदाई समारोह होता है। लेकिन व्यवस्था ऐसी है कि नए सदस्य आते ही उन सहकर्मियों से कुछ सीखने का मौका पाते हैं जो चार साल के अनुभव के साथ यहां लंबे समय से बैठे हैं। एक तरह से, यहां की विरासत एक सतत प्रक्रिया के रूप में जारी रहती है।”

प्रधानमंंत्री ने कहा, “मैं जरूर कहूंगा कि देवगौड़ा, खड़गे, शरद पवार ऐसे वरिष्ठ लोग हैं, जिनके जीवन की आधे से अधिक उम्र संसदीय कार्यप्रणाली में गई है और इतने लंबे अनुभव के बाद भी सभी नए सांसदों को इनसे सीखना चाहिए कि समर्पित भाव से सदन में आना, यथासंभव योगदान करना और जिम्मेदारी के प्रति पूरी तरह समर्पित कैसे रहा जा सकता है। मैं उनके योगदान की भूरि-भूरि सराहना करूंगा।”

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

अमित शाह ने लॉन्च किए FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, 50 लाख OCI कार्डधारकों को मिलेगा लाभ

अमित शाह ने लॉन्च किए FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, 50 लाख OCI कार्डधारकों को मिलेगा लाभ

जनजातीय समाज के नेतृत्व और आत्मविश्वास का केंद्र बने केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय: राष्ट्रपति मुर्मु

जनजातीय समाज के नेतृत्व और आत्मविश्वास का केंद्र बने केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय: राष्ट्रपति मुर्मु

स्वस्थ भारत के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है: जेपी नड्डा

स्वस्थ भारत के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है: जेपी नड्डा

साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष के अनुभवों से तय होगी नई रणनीति

साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष के अनुभवों से तय होगी नई रणनीति

CJI सूर्यकांत के पास पहुंचा INDIA गठबंधन, चुनाव आयोग की कर दी शिकायत

CJI सूर्यकांत के पास पहुंचा INDIA गठबंधन, चुनाव आयोग की कर दी शिकायत

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

शिवराज सिंह चौहान आज गुवाहाटी में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, 1 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का करेंगे दौरा

शिवराज सिंह चौहान आज गुवाहाटी में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, 1 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का करेंगे दौरा

तटरक्षक बल का अद्भुत साहसिक अभियान, छह मछुआरों को सुरक्षित बचाया

तटरक्षक बल का अद्भुत साहसिक अभियान, छह मछुआरों को सुरक्षित बचाया

जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के नए सेना प्रमुख

जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के नए सेना प्रमुख

अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस पर ओम बिरला ने दी शुभकामनाएं, संसद को बताया लोकतंत्र की सर्वोच्च अभिव्यक्ति

अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस पर ओम बिरला ने दी शुभकामनाएं, संसद को बताया लोकतंत्र की सर्वोच्च अभिव्यक्ति