रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने अभावों से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से आत्मविश्वास और आत्मविश्वास से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहले कार्यकाल में अभाव दूर करने, दूसरे कार्यकाल में आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदलने और तीसरे कार्यकाल में ‘सुधार, प्रदर्शन, परिवर्तन’ की नीति के जरिए विकसित भारत की मजबूत नींव रखी जा रही है।
भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी
नई दिल्ली में एक मीडिया संगठन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘मेक-इन-इंडिया’ अभियान ने सफलता के नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में परिवर्तनकारी बदलाव आया है और आज दुनिया अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत के दृष्टिकोण को गंभीरता से सुनती है। उन्होंने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत देश ने पिछले वर्ष अपने सेमीकंडक्टर चिप्स का उत्पादन भी शुरू किया।
रक्षा उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि
रक्षा मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो वित्त वर्ष 2014-15 की तुलना में तीन गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि रक्षा निर्यात 38 हजार करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया है, जो 2013-14 के 686 करोड़ रुपए की तुलना में लगभग 57 गुना अधिक है। उन्होंने इसे मेक-इन-इंडिया पर दुनिया के बढ़ते भरोसे का प्रमाण बताया।
डिजिटल और विनिर्माण क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं
राजनाथ सिंह ने कहा कि मोबाइल विनिर्माण, ऑटोमोबाइल निर्यात, स्वदेशी लोकोमोटिव उत्पादन और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि अप्रैल में यूपीआई के जरिए 22.35 अरब लेनदेन हुए, जिनका कुल मूल्य 29 लाख करोड़ रुपए रहा। उन्होंने कहा कि स्वदेशी 5जी तकनीक का तेजी से विस्तार हो रहा है और 6जी तकनीक के विकास पर भी काम जारी है।
डीबीटी से भ्रष्टाचार पर लगी रोक
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), जनधन, आधार और मोबाइल की ‘जैम’ त्रिमूर्ति के जरिए 51 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजे गए। इससे लगभग 4.3 लाख करोड़ रुपए के गबन को रोका जा सका। उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) ने सहकारी संघवाद को भी मजबूत किया है।
अनुच्छेद 370 और स्टार्टअप इकोसिस्टम का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना और नक्सलवाद के खिलाफ लगातार कार्रवाई सरकार के दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। पिछले 12 वर्षों में स्टार्टअप की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है, जबकि यूनिकॉर्न की संख्या 4 से बढ़कर 125 हो गई है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी समान रूप से काम कर रही है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और मां कामाख्या दिव्य लोक परियोजना समेत कई पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मीडिया को निभानी होगी राष्ट्रीय जिम्मेदारी
राजनाथ सिंह ने कहा कि सूचना के इस दौर में मीडिया की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पत्रकारिता को तेज और अधिक सटीक बना सकती है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता का कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की असली ताकत समाज को सही दिशा दिखाने, लोकतंत्र को मजबूत करने और सत्य को सामने लाने में है।
रक्षा और सुरक्षा पर रिपोर्टिंग में बरतें सतर्कता
रक्षा मंत्री ने कहा कि गलत सूचना समाज और सुरक्षा बलों के मनोबल पर गंभीर असर डाल सकती है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले खबर देने से ज्यादा महत्वपूर्ण सही खबर देना है। विशेष रूप से रक्षा बलों, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वालों से जुड़े मामलों में मीडिया को हमेशा सटीकता, निष्पक्षता और तटस्थता बनाए रखनी चाहिए।