ग्रेटर नोएडा/नोएडा : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिले में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात करीब 12 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। नोएडा से महोबा जा रही एक प्राइवेट स्लीपर एसी बस में अचानक भीषण आग लग गई, जिसकी चपेट में आकर 9 यात्रियों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। बस में कुल 35 यात्री सवार थे। आग की लपटों और दमघोंटू धुएं के बीच कई मुसाफिरों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई। राज कल्पना ट्रैवल्स की थी बस, 45 मिनट में बुझी आग घटनास्थल: हादसा यमुना एक्सप्रेस-वे के जेवर टोल प्लाजा और फलैदा कट के बीच हुआ।बचाव अभियान: सूचना मिलते ही यमुना एक्सप्रेस-वे की पेट्रोलिंग टीम, स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, लेकिन तब तक पूरी बस जलकर कंकाल बन चुकी थी।मृतकों की शिनाख्त जारी: आग इतनी भीषण थी कि अंदर फंसे 9 यात्रियों को निकलने का मौका तक नहीं मिला। शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण मृतकों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस शिनाख्त के प्रयास में जुटी है।
यातायात प्रभावित: आग की भयावहता को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर जेवर टोल और फलैदा कट पर करीब 20 मिनट तक ट्रैफिक रोक दिया गया था, जिसे आग बुझने के बाद सुचारू किया गया।
चश्मदीदों की जुबानी: 'धुएं से घुट रहा था दम, ड्राइवर के केबिन से भड़की थी आग'
हादसे में बाल-बाल बचे यात्रियों ने उस खौफनाक मंज़र को बयां किया
यात्री रिंकी राजपूत: "मैं नोएडा से बैठी थी और गहरी नींद में सो रही थी। अचानक किसी ने जगाकर चीखा कि आग लग गई है। बस के अंदर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। हर कोई बाहर भागने के लिए एक-दूसरे को धक्का दे रहा था। अंदर इतना घना काला धुआं था कि सांस लेना नामुमकिन हो गया था। आग ड्राइवर के केबिन की तरफ से शुरू हुई थी। कई लोग अंदर ही फंसे रह गए और बाहर नहीं आ सके।"
यात्री विश्वामित्र यादव: "रात में जब सब सो रहे थे, तभी आग लगने का शोर हुआ। बस खचाखच भरी हुई थी। चारों तरफ धुआं भरने से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और वहां से निकलना बेहद मुश्किल था। घबराहट और हड़बड़ी के बीच हम किसी तरह खिड़की के रास्ते बाहर निकल पाए।"फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम आग लगने के तकनीकी कारणों (शॉर्ट सर्किट या अन्य खामी) की जांच कर रही है।