झज्जर : आदि कवि महर्षि वाल्मीकि जी का जीवन और उनकी अमर कृति रामायण हमें सत्य, धर्म, सदाचार एवं मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। उनके विचार सामाजिक समरसता, समानता और संस्कारों के आदर्शों को सुदृढ़ करते हैं। पूर्व मंत्री औमप्रकाश धनखड़ ने वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर क्षेत्र के गांव लाडपुर में महर्षि वाल्मीकि जी के मंदिर के भूमि पूजन समारोह में यह बात कही। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि जयंती की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हजारों वर्षों पहले उनके द्वारा लिखी गई रामायण की महत्ता बढ़ती ही जा रही है। रामायण में हमें त्याग और सेवा का संदेश देती है। जब भगवान श्रीराम को 14 वर्ष बनवास जाना पड़ा तो अपना सिहासन छोटे भाई भरत को सौंप दिया। भरत ने भी अपने बड़े भाई राम की खड़ाऊ रखकर अपने राज्य की सेवा करता रहा। बनवास केवल राम को मिला था,लेकिन लक्ष्मण ने पूरे बनवास के दौरान अपने बड़े भाई राम की सेवा की। भाई के लिए भाई का ऐसा त्याग इतिहास में कही भी नहीं मिलेगा। ये सनातनी परम्परा है, जिस पर हमें गर्व है।
धनखड़ ने कहा कि हमें अपने प्रधानमंत्री मोदी पर गर्व है कि कानूनी अड़चनों को दूर कराते हुए लाखों करोड़ों सनातनियों की भावनाओं के अनुरूप अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का सपना साकार किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने ढांचागत विकास के साथ संस्कृति का भी विकास किया है। गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री का जोरदार स्वागत किया। पूर्व मंत्री धनखड़ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में निमंत्रण देने के लिए मंदिर समिति और ग्रामीणों का आभार प्रकट किया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष विकास वाल्मीकि,जिप चेयरमैन कप्तान बिरधाना,पूर्व चेयरमैन लीलू पहलवान,समिति प्रधान रवि,मंगल गुलिया, सीमा लाडपुर, डालूराम,गुरचरण,संजू मनीष बंसल, राहुल,कृष्ण,चांद ,संजू सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।