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मनोज मुंतशिर ने प्रणीत मोरे केस पर जताई नाराजगी, बोले- 370 रुपए में नहीं तोली जा सकती लड़की की इज्जत

15 जून, 2026 01:00 PM

मुंबई : कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में हुई अभद्रता को लेकर पूरे देश में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना पर लेखक और गीतकार मनोज मुंतशिर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नैतिकता के पतन पर चिंता व्यक्त करते हुए युवा पीढ़ी से अपील की है। साथ ही उन्होंने युवाओं को नैतिकता, महिला सम्मान और स्वाभिमान का महत्व भी समझाया।

मनोज मुंतशिर ने इंस्टाग्राम पर किए पोस्ट की शुरुआत में लिखा, "बिरयानी 370 रुपए की और शर्म शून्य"। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी सोच रखने वाली युवा पीढ़ी के हाथों में देश का भविष्य सुरक्षित माना जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो हमेशा यह कहते हैं कि उनका दौर बेहतर था। उनके मुताबिक आज के अधिकांश युवा पहले से अधिक समझदार, जागरूक और अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर हैं, लेकिन कुछ लोगों की गलत हरकतें पूरी पीढ़ी की छवि को नुकसान पहुंचा देती है और वो धब्बा बनकर रह जाते हैं।

उन्होंने युवाओं, खासकर लड़कों को सलाह देते हुए कहा कि किसी भी लड़की के बारे में कुछ कहने से पहले अपने शब्दों को कई बार तौलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी पुरुष के चरित्र और पुरुषत्व की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह महिलाओं का कितना सम्मान करता है।

इसके साथ ही मनोज मुंतशिर ने लड़कियों को भी स्वाभिमान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी के साथ रेस्टोरेंट में चाय या भोजन किया जाए तो अपने हिस्से का भुगतान अवश्य करना चाहिए। उनके अनुसार इससे आत्मसम्मान बना रहता है और कोई भी व्यक्ति किसी महिला की गरिमा को पैसों के आधार पर आंकने की हिम्मत नहीं कर सकता।

पोस्ट में उन्होंने मामले से जुड़ी डॉक्टर महिला पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, "आपके लिए क्या कहूं डॉक्टर साहिबा... डॉक्टर का पेशा दुनिया के सबसे सम्मानित और पवित्र पेशों में से एक माना जाता है। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी या व्यवहार न केवल व्यक्तिगत स्तर पर गलत है, बल्कि पूरे पेशे की गरिमा को भी ठेस पहुंचाता है।"

मनोज मुंतशिर ने लोगों से समाज में नैतिक मूल्यों, महिला सम्मान और संवेदनशीलता को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को अपने व्यवहार और शब्दों के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। साथ ही उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि सभी को सद्बुद्धि और सही सोच दें।

 

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