नई दिल्ली: मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में शूटिंग में दो ब्रांज मेडल जीते हैं।शूटर मनु भाकर को सरकार मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड दे सकती है। खेल पुरस्कारों के लिए शॉर्ट लिस्ट किए गए खिलाडिय़ों में मनु भाकर का नाम नहीं था। भारतीय निशानेबाज ने कहा, मैं अवॉर्ड के लिए उत्साहित तो हूं, लेकिन वह मेरा अंतिम लक्ष्य नहीं हैं। एक एथलीट के रूप में मेरी भूमिका अपने देश के लिए खेलना और प्रदर्शन करना है।
रिपोट्र्स के मुताबिक, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने मनु भाकर का नाम खेल रत्न के लिए नहीं भेजा था, लेकिन इस पर विवाद के बाद अब एसोसिएशन नॉमिनेशन के लिए खुद खेल मंत्रालय के पास पहुंची है। खेल मंत्रालय भी अब खुद मनु के नॉमिनेशन की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय आर्टिकल 5.1 और 5.2 के तहत मनु को नॉमिनेट कर सकता है।
पिता ने जताई थी नाराजगी
एक दिन पहले मनु भाकर के पिता रामकिशन भाकर ने कहा था कि खेल रत्न अवॉर्ड के लिए मनु की उपेक्षा की गई है। मनु के पिता ने कहा कि मनु ने अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया। भारत में ओलंपिक खेलों की अहमियत नहीं है। देश के लिए खेलने और पदक जीतने का क्या फायदा, जब सम्मान के लिए हाथ फैलाना पड़े। वह पिछले दो-तीन साल से लगातार सारे पुरस्कारों के लिए आवेदन कर रही है और मैं इसका गवाह हूं।