भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ अधिकारियों ने नई दिल्ली में हुई क्वाड शेरपा बैठक में समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियों समेत हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों पर सहयोग की समीक्षा की। बैठक में चारों देशों ने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई और क्वाड की पहलों को ठोस एवं परिणाम आधारित बनाने पर जोर दिया।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने की बैठक की मेजबानी
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को नई दिल्ली में क्वाड शेरपा बैठक की मेजबानी की। बैठक में चारों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और क्वाड के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की प्रगति की समीक्षा की।
अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि हुए शामिल
अमेरिका की ओर से दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत तथा भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बैठक में शामिल हुए। ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व उसके विदेश मंत्रालय की उप सचिव एली लॉसन ने किया, जबकि जापान की ओर से वरिष्ठ उप विदेश मंत्री हिरोयुकी नमाजू ने हिस्सा लिया।
पिछली विदेश मंत्रियों की बैठक के फैसलों पर आगे बढ़ने पर जोर
यह बैठक 26 मई को नई दिल्ली में हुई क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद आयोजित की गई। इसका उद्देश्य उस बैठक में लिए गए फैसलों को आगे बढ़ाना और क्वाड की अगली विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक की तैयारियों को गति देना था।
स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत की प्रतिबद्धता दोहराई
अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि शेरपा स्तर के अधिकारियों ने क्वाड की विभिन्न पहलों की प्रगति की समीक्षा की और व्यावहारिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। चारों देशों ने स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को आगे बढ़ाने की अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
समुद्री सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण तकनीकों तक चर्चा
बैठक में समुद्री और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि एवं सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, मानवीय सहायता तथा आपदा प्रतिक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन क्षेत्रों में सहयोग को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न पहलों की प्रगति का आकलन किया।
क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान
क्वाड अधिकारियों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम के साथ-साथ व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। बैठक में बदलते रणनीतिक और आर्थिक परिदृश्य के बीच चारों देशों के बीच समन्वय को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
परिणाम आधारित पहलों पर फोकस
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, क्वाड शेरपाओं ने ठोस और परिणाम आधारित पहलों पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व को फिर से रेखांकित किया। अधिकारियों ने कहा कि क्वाड सहयोग को ऐसे व्यावहारिक क्षेत्रों में आगे बढ़ाया जाना चाहिए, जिनसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक मजबूती को बढ़ावा मिले।
अगली मंत्रिस्तरीय बैठक की तैयारी
शेरपाओं ने अगले क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले आपसी परामर्श और सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई। इससे संकेत मिलता है कि आगामी मंत्रिस्तरीय बैठक में पहले से चल रही पहलों की प्रगति के साथ नए सहयोग क्षेत्रों पर भी चर्चा हो सकती है।
सुरक्षा से आगे बढ़ रहा क्वाड का एजेंडा
क्वाड अब पारंपरिक सुरक्षा सहयोग तक सीमित नहीं है। चारों देश तकनीक, महत्वपूर्ण सप्लाई चेन, आर्थिक सुरक्षा, आपदा राहत और क्षेत्रीय लचीलापन जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती चुनौतियों के लिए सामूहिक और व्यावहारिक प्रतिक्रिया तैयार करना है।
समुद्री निगरानी और सप्लाई चेन पर भी सहयोग
क्वाड के विस्तारित एजेंडे में समुद्री निगरानी, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां, बुनियादी ढांचा, मजबूत सप्लाई चेन और मानवीय सहायता जैसे विषय शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाकर चारों देश क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
चार देशों का रणनीतिक मंच है क्वाड
क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस समूह का दायरा तेजी से बढ़ा है। अब इसके एजेंडे में सुरक्षा के साथ-साथ तकनीकी सहयोग, आर्थिक लचीलापन, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं की मजबूती जैसे विषय भी प्रमुखता से शामिल हैं।