भारत टेक्स 2026 के तीसरे संस्करण ने भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को वैश्विक मंच प्रदान करते हुए 14,300 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव आकर्षित किए। चार दिवसीय आयोजन में 130 से अधिक देशों के 6,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और करीब 1.30 लाख व्यापारिक आगंतुक शामिल हुए। सरकार के अनुसार, इस आयोजन ने भारतीय वस्त्र, हस्तकरघा और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
130 देशों की भागीदारी, 20,000 से अधिक उत्पाद प्रदर्शित
आधिकारिक बयान के अनुसार, 1.6 मिलियन वर्ग फुट क्षेत्र में आयोजित प्रदर्शनी में 20,000 से अधिक टेक्सटाइल उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आयोजन में फाइबर, यार्न, फैब्रिक, अपैरल, होम टेक्सटाइल्स, टेक्निकल टेक्सटाइल्स, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स सहित संपूर्ण टेक्सटाइल वैल्यू चेन को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया।
1,600 से अधिक प्रदर्शक और 11,000 खरीदार हुए शामिल
भारत और विदेशों से 1,600 से अधिक प्रदर्शकों तथा 11,000 से ज्यादा खरीदारों ने इस आयोजन में भाग लिया। इसके अलावा निवेशकों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने भारतीय टेक्सटाइल क्षेत्र में बढ़ते वैश्विक विश्वास को रेखांकित किया।
28,000 से अधिक बी2बी बैठकें, निवेश को मिली रफ्तार
प्रदर्शनी के दौरान 28,000 से अधिक बिजनेस-टू-बिजनेस (बी2बी) बैठकें आयोजित की गईं। साथ ही 100 से अधिक गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (जी2जी) और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (बी2जी) बैठकें भी हुईं। इन संवादों के परिणामस्वरूप 14,300 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
बिहार की टिकुली आर्ट रही आकर्षण का केंद्र
आयोजन में बिहार की प्रसिद्ध टिकुली आर्ट ने विशेष आकर्षण बटोरा। अपनी चमकदार रंग-सज्जा और बारीक इनामेल कार्य के लिए प्रसिद्ध इस पारंपरिक कला को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और आगंतुकों ने सराहा।
हैंडलूम बुनकरों को मिला वैश्विक बाजार
करीब 120 बुनकरों का प्रतिनिधित्व करने वाली निर्यातक हैंडलूम कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड ने हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा उपलब्ध कराए गए रियायती स्टॉल के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। इससे घरेलू स्तर पर तैयार हैंडलूम उत्पादों को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाने का अवसर मिला।
इंडी हाट 2026 में दिखी भारतीय शिल्प विरासत
भारत टेक्स 2026 के साथ दिल्ली स्थित नेशनल क्राफ्ट्स म्यूजियम में आयोजित इंडी हाट 2026 ने भी भारतीय हस्तकरघा और हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। इसमें 48 कारीगरों और बुनकरों के साथ 12 डिजाइन आधारित ब्रांड्स ने भाग लेकर क्षेत्रीय शिल्प को नई पहचान दी।
पारंपरिक कला और शिल्प का हुआ भव्य प्रदर्शन
प्रदर्शनी में गुलाबी मीनाकारी, डोकरा, उस्ता कला, पिचवाई, सोजनी एम्ब्रॉयडरी, ब्लू पॉटरी, सिल्वर फिलिग्री, चेरियाल पेंटिंग, माता नी पछेड़ी, पेपियर-माशे, बागरू ब्लॉक प्रिंटिंग, जामदानी साड़ियां, मूगा और एरी सिल्क तथा ओडिशा इकत सहित अनेक पारंपरिक भारतीय कला और शिल्प रूपों का प्रदर्शन किया गया।