बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को ईवीएम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बैलेट पेपर से ही चुनाव कराने की मांग की। मायावती ने नगीना से आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद की जीत पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। मायावती ने कहा कि ईवीएम में धांधली करके बीजेपी ने ही चंद्रशेखर आजाद को नगीना में जिताया है। मायावती ने आरोप लगाया कि बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए चंद्रशेखर आजाद को सांसद बनाया गया है।
मायावती ने कहा कि बसपा ने शुरू से ईवीएम के खिलाफ वोटिंग का विरोध किया है। जब बसपा की नहीं सुनी गई तो बसपा ने ही ईवीएम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने ईवीएम खत्म करने के बजाय वीवीपैट लगाने का निर्देश दिया। वीवीपैट लगाने का भी फायदा नहीं हुआ। वीवीपैट की पूरी पर्ची की गिनती नहीं होती है। मायावती ने कहा कि किसी भी मशीन को रिमोट से हैक किया जा सकता है। ऐसे में किसी भी वोटर को यह विश्वास नहीं दिलाया जा सकता कि उसका वोट वहीं गया है जहां उसने डाला था।
चंद्रशेखर का नगीना में कोई जनाधार नहीं
बीजेपी पर हमला करते हुए मायावती ने कहा कि नगीना सीट पर चंद्रशेखर का कोई जनाधार नहीं है। भाजपा ने षड्यंत्र के तहत उसे जिताया है। बसपा को नुकसान पहुंचाने के लिए बीजेपी ने ईवीएम में धांधली कराकर चंद्रशेखर को जिताया है। मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर ही चंद्रशेखर देशभर में दलितों को लेकर विरोध प्रदर्शन आदि कर रहे हैं।
दलित युवाओं को बहकावे में नहीं आने की नसीहत
मायावती ने दलित युवकों को बहकावे में नहीं आने की नसीहत देते हुए कहा कि जहां-जहां दलितों पर अन्याय अत्याचार होता है, वहां चंद्रशेखर पहुंच जाते हैं। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों से बातचीत करने की जगह युवाओं को सड़क पर उतार देते हैं। पुलिस युवाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करती है, उन्हें जेल भेज देती है। इससे भविष्य में यह युवा नौकरी के भी लायक नहीं रह जाते हैं। केस खत्म होने तक सरकारी नौकरी भी नहीं मिल पाती है। ऐसे में चंद्रशेखर से युवाओं को सावधान रहने की जरूरत है। खासकर दलितों को इनसे दूर रहना चाहिए।
चुनाव आयोग से भ्रांतियां दूर करने की अपील
मायावती ने चुनाव आयोग से कहा कि एसआईआर को लेकर किस्म-किस्म की भ्रांतिया फैली हुई हैं। इन्हें समय से चुनाव आयोग को दूर करना चाहिए। इसे लेकर पूरा विपक्ष गुस्से में है। जैसी स्थिति इस समय है, वैसी नौबत नहीं आनी चाहिए। इसी तरह कई अन्य मामले हैं, जिन्हें समय पर नहीं देखा गया है। देश में निष्पक्ष चुनाव हो सके, इसलिए बसपा की मांग है कि ईवीएम से तत्काल चुनाव बंद किया जाए और बैलेट पेपर से कराया जाए। इससे ही देश में लोकतंत्र की रक्षा हो सकेगी।