चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर कहा है कि बातचीत और हड़ताल साथ-साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और हम उनकी हर जायज बात सुनने को तैयार हैं, लेकिन बातचीत और हड़ताल साथ-साथ नहीं चल सकते। सरकार हर मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल खत्म हो जाएगी।" उधर, राज्यभर में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अशनील कुमार शर्मा ने कहा, "आज हम डीसी कार्यालय में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हम यह प्रदर्शन नहीं करना चाहते थे। अगर पंजाब सरकार ने हमें शांति से, प्यार और सम्मान के साथ विरोध करने का मौका दिया होता, तो हमारे लिए अपना सरकारी काम छोड़कर सड़कों पर उतरने की कोई वजह नहीं होती।"
उन्होंने कहा कि हमारे साथ 15 से 20 जत्थेबंदियां शामिल हैं। अशनील शर्मा ने कहा कि यह हमारा एक दिन का अवकाश लेने वाला प्रदर्शन था। शाम को बैठक की जाएगी। आगे जो भी निर्णय लिया जाता है, उसे लागू किया जाएगा।
अशनील कुमार शर्मा ने कहा कि हमारी पहली मांग महंगाई भत्ते (डीए) की है, जो हमारा कम है। इसके लिए हमें कोर्ट भी जाना पड़ा था। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन भी मिलनी चाहिए। यह हमारी बिल्कुल जायज मांगें हैं। हमारा सरकार से अनुरोध है कि यह हमारी जायज मांगें हैं, इनको मान लिया जाना चाहिए।
अमृतसर में आईएएनएस से बात करते हुए जूनियर इंजीनियर्स काउंसिल सिटी सर्कल के अध्यक्ष के राम कुमार ने कहा, "आज भी विरोध प्रदर्शन जारी है। पूरे पंजाब में सभी सरकारी कर्मचारी आज सामूहिक छुट्टी पर हैं। जेई काउंसिल ड्यूटी पर मौजूद है। हमारे बोर्ड और अन्य संगठन के विरोध करने का अपना अलग तरीका है।"
उन्होंने कहा कि संयुक्त मंच सामूहिक छुट्टी पर है, जबकि जूनियर इंजीनियर्स काउंसिल दो घंटे का विरोध प्रदर्शन कर रही है। इसके अलावा, हम अपनी ड्यूटी ठीक से निभा रहे हैं। लोगों से बातचीत और सेवा का काम जारी है, और जो कर्मचारी ड्यूटी पर हैं, वे अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई इमरजेंसी आती है, तो हम बिना रुकावट बिजली सप्लाई देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हम आम उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई जारी रखेंगे। विरोध करना हमारा अधिकार है, और हम विरोध कर रहे हैं।