Tuesday, July 07, 2026
BREAKING
जींद की धरती से हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ होना हरियाणा के साथ-साथ पूरे देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: डा. अर्चना गुप्ता मेक इन इंडिया, नई शिक्षा नीति और आत्मनिर्भर भारत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विजन को आगे बढ़ाने वाले कदम : जेपी नड्डा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और सिद्धांतों का प्रेरणास्रोत : नायब सिंह सैनी मजबूत नेतृत्व और पारदर्शी कार्यप्रणाली से ही सशक्त बनता है संगठन: अशोक बुवानीवाला कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित होगी हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जनरल बॉडी की बैठक स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7 जुलाई से 22 जुलाई तक चलाया जाएगा 'शून्य निवारणीय मातृ मृत्यु' पखवाड़ा पंजाब कांग्रेस ने 2027 चुनाव से पहले फिर दोहराई 2021 सिद्धू-कैप्टन की कहानी, रंधावा खुले तौर पर चन्नी के साथ PSEB: बोर्ड कक्षाओं के विद्यार्थियों को राहत, बर्थ सर्टीफिकेट को लेकर नई हिदायतें जारी गुरदासपुर में ऑपरेशन प्रहार का तीसरा पड़ाव शुरू, पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' के OTT से हटाने के मामले में बोले मनजीत सिंह जी.के., खड़े किए सवाल

राष्ट्रीय

बाढ़-बारिश की तबाही पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान, केंद्र सरकार को भेजा नोटिस, 4 राज्यों से भी मांगा जवाब

04 सितंबर, 2025 07:27 PM

उत्तर भारत में मानसून के इस सीजन में भारी बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा दी है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बाढ़ की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर केंद्र सरकार और इन चार राज्यों को नोटिस भेजा है। कोर्ट ने तीन हफ्तों के भीतर इन राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि बाढ़ के कारणों और उसके निवारण के उपायों का पता लगाया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख और चिंता

मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने इस वर्ष की भारी बारिश और विकराल बाढ़ पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस बार जो बाढ़ आई है वह सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं लगती, बल्कि इसमें मानव जनित कारण भी हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बाढ़ के दौरान बड़ी मात्रा में लकड़ी के लट्ठ बहते देखे गए, जिससे अवैध कटाई की आशंका जताई जा रही है। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चार राज्यों से बाढ़ से जुड़े मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी है। सॉलिसिटर जनरल को भी निर्देश दिए गए हैं कि केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले।

पंजाब में बाढ़ की भयावह स्थिति

पंजाब में इस मानसून सीजन की बाढ़ सबसे विकराल मानी जा रही है। साल 1988 के बाद पहली बार प्रदेश के सभी 23 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। गुरदासपुर, पठानकोट, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लगभग 1500 से 1600 गांव पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। 1.48 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इस भीषण बाढ़ में करीब 40 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लगभग साढ़े तीन लाख लोग बेघर हो गए हैं। सतलुज और रावी नदियां उफान पर हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं और पुनर्वास की जरूरत महसूस की जा रही है। पंजाब सरकार ने सभी प्रभावित जिलों को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है। इसके अलावा, भाखड़ा डैम में पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है, जो चिंताजनक है।

हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की बिगड़ी हालत

हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश ने बड़ी तबाही मचाई है। भारी बारिश के कारण अब तक बादल फटने की 45 और भूस्खलन की 95 घटनाएं हुई हैं। कुल्लू, मंडी, किन्नौर, चंबा, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर और सोलन जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। हजारों सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, और चंडीगढ़-मनाली हाईवे की सड़क ब्यास नदी के उफान से बह गई है। सतलुज, टोंस, यमुना और गिरि नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। हिमाचल में 50 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 4000 से अधिक घर तबाह हो चुके हैं। जम्मू-कश्मीर के रामबन, रियासी, उधमपुर, डोडा, कटरा और श्रीनगर में भी भारी बारिश ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। चिनाब, झेलम और तवी नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जम्मू-श्रीनगर हाईवे की सड़क भी बाढ़ में बह गई है, जिससे वैष्णो देवी यात्रा तक बाधित हुई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को 10 करोड़ रुपये राहत कार्यों के लिए आवंटित किए हैं। कई इलाकों से लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं।

 

उत्तराखंड में भी आपदा की स्थिति

उत्तराखंड में भी भारी बारिश और बाढ़ की वजह से कई इलाके प्रभावित हुए हैं। भूस्खलन, सड़क टूटने और बाढ़ के कारण कई जगह संपर्क टूट गया है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में राहत कार्य कर रही हैं। कई पहाड़ी क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

क्यों बनी यह बाढ़ इतनी विकराल?

सुप्रीम कोर्ट ने इस बार की बाढ़ को केवल प्राकृतिक आपदा नहीं माना है। कोर्ट का मानना है कि अवैध कटाई और पर्यावरणीय अनियंत्रण के कारण बाढ़ की गंभीरता बढ़ी है। जंगलों की कटाई से नदियों में जलधारण क्षमता कम हुई है और भूक्षरण बढ़ा है, जिससे बाढ़ का प्रभाव ज्यादा हुआ है। यह मानव जनित कारण है जिसने प्राकृतिक आपदा को और विकराल रूप दिया है।

सरकार और प्रशासन की भूमिका

बाढ़ प्रभावित राज्यों की सरकारें राहत कार्यों में जुटी हैं। पंजाब सरकार ने आपदा प्रभावित जिलों में फौरी राहत उपलब्ध कराई है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर सरकारें भी भारी बारिश के कारण प्रभावित इलाकों में बचाव और पुनर्वास का काम कर रही हैं। केंद्र सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इस मामले पर रिपोर्ट देने को कहा गया है ताकि इस आपदा से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने दलाई लामा को 91वें जन्मदिन पर दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी समेत कई नेताओं ने दलाई लामा को 91वें जन्मदिन पर दी शुभकामनाएं

खिलाड़ियों की सफलता का जिक्र कर सीएम योगी ने युवाओं और अभिभावकों को दिया बड़ा संदेश

खिलाड़ियों की सफलता का जिक्र कर सीएम योगी ने युवाओं और अभिभावकों को दिया बड़ा संदेश

मुंबई में मूसलाधार बारिश का कहर, स्कूल-कॉलेज बंद, उड़ानें और लोकल सेवाएं प्रभावित

मुंबई में मूसलाधार बारिश का कहर, स्कूल-कॉलेज बंद, उड़ानें और लोकल सेवाएं प्रभावित

पीएम मोदी तीन देशों के दौरे पर रवाना, बोले- ‘यात्रा का मकसद आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है’

पीएम मोदी तीन देशों के दौरे पर रवाना, बोले- ‘यात्रा का मकसद आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है’

बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में 30 जुलाई को उपचुनाव: अधिसूचना जारी

बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात में 30 जुलाई को उपचुनाव: अधिसूचना जारी

दोहा में जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी पर हुई चर्चा

दोहा में जयशंकर ने कतर के प्रधानमंत्री से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी पर हुई चर्चा

आयुध कारखानों के 65,000 पूर्व कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित, सरकार ने नियमित सेवा में किया स्थानांतरित : डॉ. जितेंद्र सिंह

आयुध कारखानों के 65,000 पूर्व कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित, सरकार ने नियमित सेवा में किया स्थानांतरित : डॉ. जितेंद्र सिंह

अवैध कोयला खनन पर सख्त हुए अमित शाह, ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ लागू करने के दिए निर्देश

अवैध कोयला खनन पर सख्त हुए अमित शाह, ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ लागू करने के दिए निर्देश

अमरनाथ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब: महज तीन दिन में 56,000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, हर मोर्चे पर स्वास्थ्य टीमें तैनात

अमरनाथ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब: महज तीन दिन में 56,000 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, हर मोर्चे पर स्वास्थ्य टीमें तैनात

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पीएम मोदी ने किया नमन, कहा- उनका विजन विकसित भारत की राह को कर रहा है प्रकाशित

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पीएम मोदी ने किया नमन, कहा- उनका विजन विकसित भारत की राह को कर रहा है प्रकाशित