प्रयागराज में बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश ने स्मार्ट सिटी की ऐसी पोल खोल दी है। हर कदम पर बदहाली दिखाई दे रही है। जहां पिछले कई सालों से जलभराव नहीं हुआ था वहां इस बार सड़कें लबालब हो गई हैं सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर ऐसी स्थिति बनीं क्यों? बारिश से पिछले साल भी होती थी, जलभराव भी होता था लेकिन कुछ घंटे में पानी निकल जाता था लेकिन इस साल ऐसा क्या है कि 48 घंटे बाद भी सड़कें जलमग्न हैं। जार्जटाउन जैसे पॉश इलाके की सड़कें नदी सरीखी दिख रही हैं।
नगर निगम के पास सफाई कर्मियों की लंबी फौज है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में ये अपना काम संभालती है, लेकिन आपात स्थिति में एक्सट्रा स्टाफ का प्रबंध नहीं था। यही कारण रहा कि आमतौर जो इलाके सूखे रहते थे वो भी जलभराव की जद में आते गए और टीम वहां पहुंच ही नहीं सकी। जबकि इस स्थिति को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में क्विक रिस्पांस टीम होनी चाहिए थी, जो कम समय में काम करती और जलभराव से शहर को मुक्ति मिल जाती।
बारिश से गली-मोहल्ले पानी से लबालब
बारिश से बेहाल प्रयागराज में दूसरे दिन हालात और दयनीय हो गई। कई इलाकों से पहले दिन का पानी निकल भी नहीं पाया था कि सोमवार रात हुई तेज बारिश ने मुसीबत को और विकराल कर दिया। देखते ही देखते सड़कें और गलियां फिर पानी में डूब गईं और कई घरों में दोबारा पानी घुस गया। शहर के तमाम इलाकों में जलभराव हुआ, लेकिन करेली के गौसनगर, जेके आशियाना, गड्ढा कॉलोनी, करेलाबाग, मुंडेरा, मीरापट्टी, हरवारा, जाफरी कॉलोनी, रामबाग, टैगोरटाउन, एलआईसी कॉलोनी, अल्लापुर के पूरा पड़ाइन, मटियारा रोड, बाघंबरी, जॉर्जटाउन, सीवाई चिंतामणि रोड, लिडिल, बहादुरगंज, रामबाग, बाई का बाग, मुट्ठीगंज, लूकरगंज, काटजू रोड, राजरूपपुर, झलवा, साकेतनगर, झलवा समेत शहर के कई इलाकों में रातभर अफरातफरी का माहौल रहा। इन मोहल्लों के हजारों घरों में रविवार की रात पानी घुसा और मंगलवार रात तक नहीं निकल पाया।
घरों में लगातार दो दिन पानी भरा होने से सैकड़ों परिवारों ने दूसरे दिन रात जागकर गुजारी। करेली क्षेत्र में तो छह फीट तक पानी भर गया था। सड़कों और घरों के गैराजों में खड़े वाहन पानी में डूबे रहे। सड़कें लगातार दूसरे दिन तालाब बनी रहीं और लोगों के लिए घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया। सीएमपी चौराहा, संगम पेट्रोल टंकी मार्ग, लिडिल रोड सीवाई चिंतामणि रोड, भारती भवन लाइब्रेरी के अलावा बाई का बाग के बंगाली टोला में दूसरे दिन भी लोग घरों में कैद रहे।
गंगा पथ पर डूबी एसयूवी, बचाए गए सात पुरोहित
उधर, दारागंज में बक्शी बांध के पास मंगलवार सुबह गंगा पथ पर बाढ़ के पानी में एक एसयूवी अचानक डूबने लगी। उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। कार को डूबता देख आसपास मौजूद नाविक व स्थानीय लोग तत्काल मदद को दौड़े और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनके बाहर निकलते ही एसयूवी पूरी तरह गंगा के पानी में समा गई।