वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को अमेरिका की आधिकारिक यात्रा के दौरान नेशनल एसोसिएशन ऑफ मैन्युफैक्चरर्स (NAM) के बिजनेस राउंडटेबल को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में अमेरिका भर के छोटे और बड़े मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। NAM राउंडटेबल में जोर: भारत में विस्तार करो, SMEs से साझेदारी बढ़ाओ पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में आ रही मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि भारत का औद्योगिक आधार तेजी से बढ़ रहा है और यहां कुशल कार्यबल उपलब्ध है। उन्होंने अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स को भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ाने, भारतीय लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) के साथ साझेदारी करने तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में संयुक्त निवेश कर मजबूत सप्लाई चेन बनाने के मौके तलाशने का आमंत्रण दिया।
अंतरिम व्यापार समझौते पर फोकस
दोनों देश संतुलित और आपसी फायदे वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर के साथ गोयल की आगामी बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्री USTR के निमंत्रण पर मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन में G20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। आधिकारिक बयान के मुताबिक, दोनों पक्ष 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुरूप एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे। बातचीत में भारत विश्व व्यापार संगठन (WTO) को केंद्र में रखते हुए नियमों पर आधारित, खुला, समावेशी, पारदर्शी, निष्पक्ष और भेदभाव-रहित वैश्विक व्यापार ढांचे की वकालत करेगा।
किसानों, MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए ज्यादा मौके बनाने पर जोर
पीयूष गोयल अमेरिका में कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे, जिनका उद्देश्य व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करना है। इन चर्चाओं में किसानों, मछुआरों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यमों (MSMEs) और अन्य व्यवसायों के लिए अधिक अवसर पैदा करने पर खास ध्यान दिया जाएगा। आधिकारिक बैठकों के अलावा मंत्री मिल्वौकी और शिकागो में मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर गुड्स, एग्रीबिज़नेस, रिटेल और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों की प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे।