Thursday, October 29, 2026
BREAKING
• भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल • राष्ट्रपति ट्रंप के रूसी डीजल सौदे पर रोक के लिए अमेरिकी सांसदों ने पेश किया विधेयक • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की • “भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश • बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज • दक्षिणी इथियोपिया में सांप्रदायिक हिंसा ने हजारों लोगों को विस्थापित किया: संयुक्त राष्ट्र • ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह • बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश • छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह • पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

राष्ट्रीय

पीएम मोदी ने शेयर किया गीता का श्लोक, कहा- ‘जैसी श्रद्धा, वैसा ही होती है मनुष्य की सोच और आचरण’

29 अक्टूबर, 2026 05:59 PM

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार सुबह एक संस्कृत सुभाषितम् को शेयर किया, जिसमें कहा गया है कि मनुष्य की सोच, उसका विश्वास और उसका आचरण उसकी श्रद्धा के ही परिणाम होते हैं।

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सत्त्वानुरूपा सर्वस्य श्रद्धा भवति भारत। श्रद्धामयोऽयं पुरुषो यो यच्छ्रद्धः स एव सः॥” यह श्लोक श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 17 (श्रद्धात्रयविभागयोग), श्लोक 3 से लिया गया है।

इस श्लोक का अभिप्राय है कि ‘हे भारत। प्रत्येक मनुष्य की श्रद्धा उसके अंतःकरण और स्वभाव के अनुरूप होती है। मनुष्य की सोच, उसका विश्वास और उसका आचरण उसकी श्रद्धा के ही परिणाम होते हैं। वह जैसी श्रद्धा रखता है, उसका संपूर्ण व्यक्तित्व भी वैसा ही बन जाता है।’

यह श्लोक महाभारत के उस अध्याय के संदर्भ में है, जब अर्जुन के यह पूछने पर कि जो शास्त्रों की विधि को छोड़कर केवल अपनी श्रद्धा से पूजा-आर्चना करते हैं, उनकी निष्ठा सात्त्विकी, राजसी या तामसी, किस प्रकार की होती है, भगवान श्रीकृष्ण इसका उत्तर देते हैं।

हमारी श्रद्धा की प्रकृति ही हमारे जीवन की दिशा को निर्धारित करती है
श्रीकृष्ण समझाते हैं कि हमारी श्रद्धा की प्रकृति ही हमारे जीवन की दिशा को निर्धारित करती है और हमारी श्रद्धा का गुण हमारे मन की प्रकृति द्वारा निर्धारित होता है। इस प्रकार अर्जुन के प्रश्न के प्रत्युत्तर में श्रीकृष्ण श्रद्धा के विभिन्न प्रकारों की व्याख्या करते हैं।

सुभाषितम् में सभी के कल्‍याण और समृद्धि के लिए प्रकृति की रक्षा और देखभाल के महत्व पर बल
इसके पहले, बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी ने ‘संस्कृत सुभाषितम्’ में सभी के कल्‍याण और समृद्धि के लिए प्रकृति की रक्षा और देखभाल के महत्व पर बल दिया। उन्होंने लिखा, “पालयन् प्रकृतिं राजा सुखी भवति नान्यथा। प्रकृतिश्च हिता यस्य स राजा सर्वकामधुक्॥”

इसका अर्थ है, “जो राजा प्रकृति की रक्षा करता है और उसके कल्‍याण की दिशा में कार्य करते हुए उसकी प्रसन्‍नता और समृद्धि को सुनिश्चित करता है। इसके फलस्‍वरूप, प्रकृति उन व्यक्त्यों की आशाओं को परिपूर्ण करती है जो उसकी रक्षा और देखभाल करते हैं।

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

भारतीय उत्पादों को ग्लोबल स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना जरूरी : पीयूष गोयल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की

“भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

“भारत प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है”– राज्यसभा उपसभापति हरिवंश

बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

बिजली उत्पादन में 15 साल की सबसे मजबूत मासिक बढ़त, अक्टूबर में 24% की वृद्धि: जेफरीज

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह किया आतंकी ढांचा, भारत की रणनीति आतंकियों के खिलाफ परखी हुई : राजनाथ सिंह

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम सक्रिय, 1-2 नवंबर को चेन्नई में हो सकती है भारी बारिश

छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

पीएम मोदी 30-31 अक्टूबर को करेंगे गुजरात का दौरा, राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में लेंगे भाग

गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात ‘अर्नब’ के मद्देनजर 4 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की, हर संभव सहायता का आश्वासन

प्रधानमंत्री 2 नवंबर को भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो का करेंगे उद्घाटन, 130 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद

प्रधानमंत्री 2 नवंबर को भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो का करेंगे उद्घाटन, 130 से अधिक देशों की भागीदारी की उम्मीद