अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ हमले और तेज करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ये सैन्य कार्रवाई अभी कुछ हफ्तों तक जारी रहेगी और अमेरिका जल्द ही और जोरदार हमले करेगा।
हमले को बताया भविष्य में निवेश
देश के नाम संबोधन में ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन को बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में निवेश बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम अमेरिका और दुनिया को सुरक्षित बनाने के लिए उठाया गया है।
32 दिनों से जारी सैन्य अभियान
ट्रंप ने कहा कि यह सैन्य अभियान एक महीने से ज्यादा समय से चल रहा है और अमेरिका ने पहले ही बड़े खतरे को खत्म कर दिया है। उनके अनुसार, “हम इस ऑपरेशन में 32 दिनों से हैं और अब कोई बड़ा खतरा नहीं बचा है।”
पिछले युद्धों से की तुलना
अभियान की तेजी को दिखाने के लिए ट्रंप ने प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध और इराक युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन युद्धों के मुकाबले ईरान ऑपरेशन बेहद तेज और प्रभावी रहा है।
‘कुछ हफ्तों में बड़ा नुकसान’ का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि लड़ाई के इतिहास में किसी दुश्मन को इतने कम समय में इतना बड़ा नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह सैन्य ताकत और रणनीतिक स्पष्टता का उदाहरण है।
बिजली संयंत्रों पर हमले की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका उनके बिजली उत्पादन संयंत्रों पर बड़े पैमाने पर हमले कर सकता है।
न्यूक्लियर खतरे पर दोहराया रुख
ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह जंग जरूरी है, हालांकि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने पहले संकेत दिया था कि तेहरान की ऐसी मंशा नहीं है।
‘जंग लगभग खत्म’ होने का दावा
अपने संबोधन के अंत में ट्रंप ने कहा कि यह लड़ाई लगभग खत्म हो चुकी है और अमेरिका अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है।