अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों नेताओं ने ईरान से जुड़े समझौते, तेल की कीमतों और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक को मध्य पूर्व में तनाव कम करने और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
ईरान समझौते पर हुई विस्तृत चर्चा
व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान के साथ हुए नए समझौते पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने इस समझौते को क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
ट्रंप ने मैक्रों को बताया करीबी मित्र
बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इमैनुएल मैक्रों उनके विशेष मित्र रहे हैं और दोनों के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने अतीत में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर साथ मिलकर काम किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य हो रही गतिविधियां
ट्रंप ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य आंशिक रूप से खुल चुका है और वहां से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मार्ग जल्द ही पूरी तरह सामान्य हो जाएगा। ट्रंप के अनुसार, समझौते के सकारात्मक परिणाम पहले से दिखाई देने लगे हैं और वैश्विक व्यापार को इससे राहत मिलेगी।
दुनिया के अहम तेल मार्ग पर नजर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। इस क्षेत्र में तनाव कम होने और जहाजों की आवाजाही बहाल होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
जी-7 सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं। फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की यह मुलाकात हुई, जिसमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
मैक्रों ने समझौते को बताया शांति के लिए जरूरी
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ईरान के साथ शांति समझौता बेहद महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, यह समझौता परमाणु मुद्दे के समाधान की दिशा में मदद करेगा और वैश्विक शांति को मजबूत करने में योगदान देगा।
लेबनान में स्थिरता की उम्मीद
मैक्रों ने कहा कि यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है और इससे लेबनान में शांति स्थापित करने के प्रयासों को बल मिल सकता है। उन्होंने कहा कि फ्रांस और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समझौते के समर्थन के लिए तैयार हैं।