करनाल : हरियाणा राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल अस्पताल जींद में कार्यरत चालक जगदीश को दिव्यांग प्रमाण पत्र को रिन्यूअल के बाद ऑनलाइन करने के बदले ₹44,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस थाना स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो, करनाल में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है। क्या था मामला इस संबंध में शिकायतकर्ता ने एसीबी को शिकायत दी थी कि सिविल अस्पताल जींद में कार्यरत चालक जगदीश उसके दिव्यांग प्रमाण पत्र के रिन्यूअल के बाद ऑनलाइन करने के बदले ₹44,000 की रिश्वत मांग रहा है। शिकायत का सत्यापन करने के उपरांत एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान आरोपी जगदीश को शिकायतकर्ता से ₹44,000 की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के कब्जे से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई। यह ट्रैप कार्रवाई एसीबी यूनिट सिरसा के नेतृत्व में की गई।
ट्रैप कार्रवाइयों का उद्देश्य भ्रष्टाचारियों के मन में कानून का भय स्थापित करना : ए.एस. चावला
एसीबी प्रमुख ए एस चावला ने कहा कि लगातार की जा रही ट्रैप कार्रवाइयों का उद्देश्य केवल भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को कानून के दायरे में लाना ही नहीं है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश देना भी है कि रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्तियों के मन में कानून का भय बना रहे और वे यह समझ लें कि जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में एसीबी पूरी गंभीरता एवं दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है।