जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार को आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए मर्ज गुजरात पहुंचे, जहां अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
भारत की पहली आधिकारिक यात्रा पर मर्ज
यह जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरे का उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है।
MEA ने बताया ऐतिहासिक महत्व
विदेश मंत्रालय (MEA) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मर्ज के स्वागत की जानकारी साझा करते हुए कहा, “भारत और जर्मनी अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहे हैं। चांसलर मर्ज की यह यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक भारत-जर्मनी साझेदारी को और सशक्त बनाएगी।”
अहमदाबाद में पीएम मोदी से वार्ता
जर्मन चांसलर मर्ज अहमदाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके बाद दोनों नेता साबरमती रिवरफ्रंट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भी हिस्सा लेंगे।
गांधीनगर में होंगे द्विपक्षीय कार्यक्रम
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी बयान के अनुसार, इसके बाद गांधीनगर के महात्मा मंदिर में भारत-जर्मनी के बीच द्विपक्षीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की होगी समीक्षा
पीएमओ ने बताया कि दोनों नेता भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे, जिसने हाल ही में 25 वर्ष पूरे किए हैं। बातचीत में व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, स्किलिंग और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
रक्षा, सुरक्षा और हरित विकास पर भी चर्चा
दोनों नेताओं के बीच रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान, हरित और सतत विकास तथा लोगों के बीच संपर्क (पीपल-टू-पीपल टाईज) को आगे बढ़ाने जैसे अहम विषयों पर भी चर्चा होगी।
क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके साथ ही भारत और जर्मनी के व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
रक्षा सहयोग को लेकर पहले ही हो चुकी है अहम बैठक
चांसलर मर्ज की भारत यात्रा से पहले, जर्मनी के भारत में राजदूत फिलिप एकरमैन ने पिछले सप्ताह रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह से मुलाकात की थी। इस दौरान द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें रक्षा उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन के प्राथमिक क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया।
G20 शिखर सम्मेलन में हो चुकी है पिछली मुलाकात
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की मुलाकात हुई थी। उस समय पीएम मोदी ने भारत-जर्मनी संबंधों को मजबूत और निरंतर विस्तारशील बताते हुए कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और नवाचार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।