धर्मशाला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो रहे विकास कार्यों को रद्द करने के सपने ले रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने धर्मशाला प्रवास के दौरान कही। विपक्ष द्वारा नए जिलों के मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
आयोग की सिफारिशों के आधार पर होगा नए जिले बनाने का निर्णय
प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट ने इस संबंध में प्रस्ताव स्वीकार किया है। इसके तहत जिलों के साथ-साथ ब्लॉक, एसडीएम कार्यालयों और तहसीलों के पुनर्गठन पर भी विचार किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञों की समिति गठित की गई है, जिसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, भूमि रिकॉर्ड विभाग की निदेशक और सेवानिवृत्त अधिकारी शामिल हैं। सुक्खू ने कहा कि नए जिले बनाने हैं या नहीं, इसका निर्णय आयोग की सिफारिशों के आधार पर होगा। सरकार का उद्देश्य प्रशासन को आम जनता के और करीब पहुंचाना है।
जनगणना के नियमों का रखा जाएगा ध्यान
जनगणना के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों के गठन की अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया जनगणना से जुड़े नियमों और आवश्यक अनुमति को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि टांडा मेडिकल कॉलेज की स्थिति में पिछले साढ़े 3 वर्षों में करीब 60 प्रतिशत सुधार हुआ है और यहां 20 साल बाद सीनियर रैजीडैंसी शुरू की गई है।
सैंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए सरकार 20 करोड़ रुपए देने को तैयार
धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 20 करोड़ रुपए देने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए बिजली और पानी के खर्च की जिम्मेदारी को लेकर केंद्र सरकार और विश्वविद्यालय की ओर से सहमति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वन संबंधी खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है, जबकि देहरा परिसर तक बिजली और पानी पहुंचाने के लिए भी राज्य सरकार की ओर से राशि उपलब्ध करवाई गई है।