Wednesday, July 01, 2026
BREAKING
अमित शाह ने लॉन्च किए FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, 50 लाख OCI कार्डधारकों को मिलेगा लाभ जनजातीय समाज के नेतृत्व और आत्मविश्वास का केंद्र बने केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय: राष्ट्रपति मुर्मु स्वस्थ भारत के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है: जेपी नड्डा साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष के अनुभवों से तय होगी नई रणनीति पंजाब: सीएम मान ने संगरूर में ओलंपिक स्तर के स्विमिंग पूल का उद्घाटन किया, कहा-भविष्य में ओलंपियनों की नर्सरी बनेगा मानवता की मिसाल: काफिला रुकवाकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. अर्चना गुप्ता ने दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को संभाला राज्यपाल घोष का आह्वान: पूर्व छात्र बढ़ाएं सहयोग, आर्थिक तंगी किसी मेधावी की पढ़ाई में न बने बाधा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा एफ.पी.ओ. मिशन-2026 का किया शुभारंभ राम मंदिर ट्रस्ट पर सवाल उठाने पर अजय राय को हाउस अरेस्ट करना असंवैधानिक, विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास : राव नरेंद्र सिंह सीबीआई ने IDFC First Bank फंड गबन मामले में दो बैंक अधिकारियों को किया गिरफ्तार

राष्ट्रीय

ओबीसी रिजर्वेशन पर बोला सुप्रीम कोर्ट, सिर्फ आमदनी के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

13 मार्च, 2026 04:22 PM

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी उम्मीदवार के क्रीमी लेयर में होने या न होने का निर्धारण केवल उसकी पारिवारिक आय के आधार पर नहीं किया जा सकता है। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पदों की श्रेणियों और स्टेटस मापदंडों का संदर्भ लिए बिना, केवल आय के आधार पर क्रीमी लेयर का दर्जा तय करना कानून की दृष्टि से टिकाऊ नहीं है। अदालत का मानना है कि आय के साथ-साथ व्यक्ति के सामाजिक और व्यावसायिक पद को भी ध्यान में रखा जाना अनिवार्य है। बता दें कि क्रीमी लेयर शब्द का प्रयोग ओबीसी समुदाय के उन लोगों के लिए किया जाता है, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी समृद्ध हो चुके हैं।


आरक्षण का लाभ इस वर्ग को न मिलकर समुदाय के उन गरीब और पिछड़े लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। इस अवधारणा की शुरुआत 1992 के प्रसिद्ध इंद्रा सहनी बनाम भारत सरकार मामले के बाद हुई थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को तो बरकरार रखा था, लेकिन संपन्न तबके को इससे बाहर रखने का आदेश दिया था। इसके बाद 1993 में सरकार ने इसे लागू करने के नियम बनाए थे। वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि किसी ओबीसी परिवार की वार्षिक आय आठ लाख रुपए से अधिक है, तो उसे क्रीमी लेयर में माना जाता है। ऐसे उम्मीदवार सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के हकदार नहीं होते।

 

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

अमित शाह ने लॉन्च किए FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, 50 लाख OCI कार्डधारकों को मिलेगा लाभ

अमित शाह ने लॉन्च किए FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड, 50 लाख OCI कार्डधारकों को मिलेगा लाभ

जनजातीय समाज के नेतृत्व और आत्मविश्वास का केंद्र बने केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय: राष्ट्रपति मुर्मु

जनजातीय समाज के नेतृत्व और आत्मविश्वास का केंद्र बने केंद्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय: राष्ट्रपति मुर्मु

स्वस्थ भारत के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है: जेपी नड्डा

स्वस्थ भारत के माध्यम से ही विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है: जेपी नड्डा

साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष के अनुभवों से तय होगी नई रणनीति

साक्ष्य आधारित शिक्षा सुधारों की ओर बढ़ा उत्तर प्रदेश, कक्षा-कक्ष के अनुभवों से तय होगी नई रणनीति

CJI सूर्यकांत के पास पहुंचा INDIA गठबंधन, चुनाव आयोग की कर दी शिकायत

CJI सूर्यकांत के पास पहुंचा INDIA गठबंधन, चुनाव आयोग की कर दी शिकायत

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

शिवराज सिंह चौहान आज गुवाहाटी में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, 1 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का करेंगे दौरा

शिवराज सिंह चौहान आज गुवाहाटी में उच्चस्तरीय बैठक करेंगे, 1 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का करेंगे दौरा

तटरक्षक बल का अद्भुत साहसिक अभियान, छह मछुआरों को सुरक्षित बचाया

तटरक्षक बल का अद्भुत साहसिक अभियान, छह मछुआरों को सुरक्षित बचाया

जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के नए सेना प्रमुख

जनरल धीरज सेठ बने भारतीय सेना के नए सेना प्रमुख

अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस पर ओम बिरला ने दी शुभकामनाएं, संसद को बताया लोकतंत्र की सर्वोच्च अभिव्यक्ति

अंतरराष्ट्रीय संसदीय दिवस पर ओम बिरला ने दी शुभकामनाएं, संसद को बताया लोकतंत्र की सर्वोच्च अभिव्यक्ति