राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने मंगलवार को वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि अपनी हालिया वियतनाम यात्रा के दौरान डोभाल ने वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम से शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं और अपनी यात्रा के दौरान हुई बैठकों के नतीजों की जानकारी भी दी।
दूतावास के अनुसार, डोभाल ने मई 2026 में तो लाम की भारत की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा को याद किया और भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके निरंतर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
भारत और वियतनाम ने राष्ट्रपति तो लाम की मई में भारत यात्रा के दौरान अपने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया था।
इससे पहले सोमवार को एनएसए डोभाल ने हनोई स्थित ऐतिहासिक क्वान सु पैगोडा का दौरा किया। वहां उनका स्वागत पैगोडा के स्थायी उपाध्यक्ष एवं मुख्य मठाधीश थिच थान न्हिउ और वियतनाम बौद्ध संघ के उपाध्यक्ष एवं महासचिव थिच डुक थियेन ने किया।
डोभाल ने वियतनाम के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य ले होआई चुंग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने वर्ष 2027 में भारत और वियतनाम के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के तरीकों पर चर्चा की।
भारतीय दूतावास ने बताया कि दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक अवसर को भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के अनुरूप मनाने पर विचार-विमर्श किया।
एनएसए डोभाल ने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री और वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल लुओंग टैम क्वांग से भी बातचीत की। बैठक में सुरक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की गई और मौजूदा बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए।
इसके अलावा, डोभाल ने वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से मुलाकात की। भारतीय दूतावास के अनुसार, इस बैठक में जारी रक्षा सहयोग की स्थिति की समीक्षा की गई और इस क्षेत्र में गतिविधियों को और मजबूत करने पर सहमति बनी।