Tuesday, November 03, 2026
BREAKING
• चीन ने सुरंग निर्माण मशीनें रोकीं तो भारत खुद बनाएगा, विकास नहीं रुकेगा: पीयूष गोयल • साइक्लोन मुरासु : एनडीआरएफ की आंध्र में 14 टीमें तैनात, सबसे ज्यादा प्रभावित के तौर पर छह जिलों की पहचान • नेहा बोरा की 'हिंदू नफरत' आई सामने, उनके विचार राहुल गांधी से प्रेरित हैं : प्रदीप भंडारी • अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में ट्रंप के दो साल के कार्यकाल का होगा आकलन • ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ने के आसार, तेहरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी • एनएसए अजीत डोभाल ने वियतनाम के राष्ट्रपति से की मुलाकात • पीएम मोदी ने किया पुणे मेट्रो पिंक लाइन का उद्घाटन, कहा- ’12 वर्षों में मेट्रो ट्रांसपोर्ट का हुआ कायाकल्प’ • राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में रक्षा पैनल की बैठक में दिया जोर, कहा- ‘आधुनिक युद्ध के लिए आधुनिक सेना जरूरी’ • ई-कोर्ट्स परियोजना के तहत 4 नवंबर को ‘ई-फाइलिंग 3.0’ पर कार्यशाला आयोजित करेगी सरकार • भारत और अमेरिका के बीच पांचवें ‘टाइगर ट्रायम्फ’ अभ्यास की शुरुआत, आपदा राहत अभियानों पर रहेगा जोर

दुनिया

ईरान-अमेरिका तनाव फिर बढ़ने के आसार, तेहरान ने अमेरिकी हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी

03 नवंबर, 2026 04:50 PM

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर समझौते की संभावनाएं फिलहाल दूर नजर आ रही हैं। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि कूटनीतिक प्रयास तेज होने के बावजूद दोनों देशों के बीच मतभेद कम नहीं हुए हैं। इस बीच, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद क्षेत्र में सैन्य संघर्ष दोबारा शुरू होने की आशंका को टालने के लिए बातचीत जारी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने रात में ईरान के केशम द्वीप पर ‘रक्षात्मक’ हमले किए। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इन हमलों में उन सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को निशाना बनाया गया, जिनका इस्तेमाल अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ किया जा रहा था। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने रात में होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से के ऊपर एक अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराया।

ईरानी अधिकारी ने बताया कि मध्यस्थ तेहरान और वॉशिंगटन के बीच मतभेद कम करने के लिए काम कर रहे हैं। कतर के मध्यस्थ सोमवार रात तेहरान पहुंचे थे। वे पिछले आठ दिनों से बातचीत के तहत तैयार किए जा रहे अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर चर्चा कर रहे हैं।

अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खुलवाना चाहता है तो उसे ईरान की शर्तें माननी होंगी। इसके बाद ही परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू हो सकती है। उन्होंने कहा कि तेहरान वॉशिंगटन की ‘अत्यधिक मांगों’ को स्वीकार नहीं करेगा।

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कलीबाफ ने मंगलवार को कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है। उनके मुताबिक, तेहरान ने वॉशिंगटन को ‘मजबूत और तार्किक जवाब’ दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान क्षेत्र और उससे बाहर भी कड़ी कार्रवाई करेगा।

कलीबाफ ने कहा कि धमकियों और सैन्य कार्रवाई के जरिए ईरानी जनता को झुकाने की कोशिश गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की किसी भी गलत कार्रवाई का ईरान का जवाब अप्रत्याशित होगा और भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इस बात पर संदेह जताया कि वह मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर सैन्य हमले दोबारा शुरू करने की धमकी पर अमल करेंगे या नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि तेहरान जल्द से जल्द समझौता करना चाहता है।

क्षेत्रीय स्तर पर भी कूटनीतिक प्रयास जारी
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए संदेशों के आदान-प्रदान के साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर भी तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को कहा कि सऊदी अरब के साथ बातचीत जारी है। तेहरान क्षेत्र के देशों के लिए विदेशी सैन्य हस्तक्षेप के बिना नई क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार करना चाहता है।

पिछले सप्ताह सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेहरान में ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की थी। अगस्त के बाद इन तीनों देशों के अधिकारियों का ईरान के साथ यह पहला उच्चस्तरीय संपर्क था।

रियाद ने इस यात्रा का उद्देश्य सैन्य तनाव की दोबारा वृद्धि रोकने के लिए बातचीत के रास्ते खोलना बताया था। हाल के सप्ताहों में सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष तेज हुआ है। फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के बाद लड़ाई सऊदी अरब और यमन तक फैल गई है।

हूतियों ने अरब प्रायद्वीप के दूसरे छोर पर स्थित महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य की ओर अपनी गतिविधियां बढ़ाई हैं। इसके साथ ही उन्होंने सऊदी अरब के तेल ठिकानों और रियाद के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कई हवाई अड्डों को निशाना बनाया है। इससे उड़ानों और तेल निर्यात पर असर पड़ा है। जवाब में सऊदी अरब ने यमन में हवाई हमले किए हैं।

यमन 2014 से गृहयुद्ध की चपेट में है। उस समय हूती विद्रोहियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और सऊदी समर्थित सरकार को राजधानी सना से बाहर कर दिया था।

Have something to say? Post your comment

और दुनिया खबरें

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में ट्रंप के दो साल के कार्यकाल का होगा आकलन

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में ट्रंप के दो साल के कार्यकाल का होगा आकलन

भूटान में पीएम मोदी के सम्मान में बनाया गया पवित्र स्तूप, किरेन रिजिजू ने राजा का जताया आभार

भूटान में पीएम मोदी के सम्मान में बनाया गया पवित्र स्तूप, किरेन रिजिजू ने राजा का जताया आभार

अगर डेमोक्रेट्स जीते तो मैं बन जाऊंगा 'मिस्टर वीटो' : ट्रंप

अगर डेमोक्रेट्स जीते तो मैं बन जाऊंगा 'मिस्टर वीटो' : ट्रंप

ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ व्यापार समझौते को बताया 'अपनी उपलब्धि'

ट्रंप प्रशासन ने भारत के साथ व्यापार समझौते को बताया 'अपनी उपलब्धि'

कंसास में ट्रंप ने खत्म किया मिडटर्म चुनाव प्रचार, बोले- अमेरिका जब चाहे ईरान को रोक सकता है

कंसास में ट्रंप ने खत्म किया मिडटर्म चुनाव प्रचार, बोले- अमेरिका जब चाहे ईरान को रोक सकता है

यमन में सऊदी गठबंधन के हमलों में 7 लोग घायल, बंदरगाह और तेल सुविधा को बनाया निशाना: हूती

यमन में सऊदी गठबंधन के हमलों में 7 लोग घायल, बंदरगाह और तेल सुविधा को बनाया निशाना: हूती

हर परिवार, हर मोहल्ले में 'मुखबिर', हंगरी खोलेगा कम्युनिस्ट शासन से जुड़े हजारों एजेंटों के नाम

हर परिवार, हर मोहल्ले में 'मुखबिर', हंगरी खोलेगा कम्युनिस्ट शासन से जुड़े हजारों एजेंटों के नाम

ऑस्ट्रेलिया के करीब 75 फीसदी लोगों ने माना, 'एक साल में देश और बंटा'

ऑस्ट्रेलिया के करीब 75 फीसदी लोगों ने माना, 'एक साल में देश और बंटा'

फ्लोरिडा लियरजेट क्रैश: विमान में सवार सभी नौ की मौत

फ्लोरिडा लियरजेट क्रैश: विमान में सवार सभी नौ की मौत

फ्रांस में नकाबपोश उपद्रवी कौन? शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के बीच 'कैसर्स' पर नजर

फ्रांस में नकाबपोश उपद्रवी कौन? शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के बीच 'कैसर्स' पर नजर