नई दिल्ली(एजेंसी) : राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने तंजानिया के अरुशा में आयोजित अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) की 153वीं विधानसभा के तीसरे दिन 7 अक्टूबर को विभिन्न बैठकों और चर्चाओं में भाग लिया। हरिवंश ने ‘समावेशिता, विश्वास और सभी के लिए अवसरों के माध्यम से सुशासन को बढ़ावा देना और समुदायों को सशक्त बनाना’ विषय पर आम चर्चा में हिस्सा लेते हुए सुशासन के लिए पारदर्शिता मजबूत करने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और जनता का विश्वास कायम रखने पर जोर दिया।
विभिन्न समितियों और कार्यशालाओं में सांसदों की भागीदारी
लोकसभा सांसद संजय जायसवाल ने ‘विभिन्न पीढ़ियों में मानसिक स्वास्थ्य: डिजिटल अतिभार, आर्थिक दबाव और अनिश्चितता से निपटना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में भाग लिया। लोकसभा सांसद अपराजिता सारंगी ने संयुक्त राष्ट्र मामलों की स्थायी समिति में ‘एक सुधारित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के प्रतिबिंब के रूप में तंजानिया में संयुक्त राष्ट्र देश टीम’ विषय पर पैनल चर्चा में हिस्सा लिया।
विज्ञान, तकनीक और सतत विकास पर चर्चा
लोकसभा सांसद बिजुली कलिता मेधी ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर गठित कार्य समूह में भाग लिया। उन्होंने सतत विकास संबंधी स्थायी समिति में ‘पर्वतीय और समुद्री इकोसिस्टम की रक्षा और 2030 तक 30% संरक्षण लक्ष्य हासिल करने के लिए संसदीय नेतृत्व’ विषय पर प्रस्ताव को लेकर हुई बहस में भी हिस्सा लिया।
अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून और एआई पर चर्चा
लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत ने ‘शांति के लिए प्रतिबद्धताओं से परे: अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के प्रवर्तन में संसदों की भूमिका’ विषय पर पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने ‘बाल अधिकारों की सेवा करने वाली नैतिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता को बढ़ावा’ विषय पर कार्यशाला और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून के सम्मान को बढ़ावा देने से संबंधित समिति की बैठक में भी भाग लिया।
जलवायु परिवर्तन और स्वस्थ भोजन पर मंथन
लोकसभा सांसद लता वानखेड़े ने ‘हमारी थाली में क्या है? बदलते जलवायु में स्वस्थ भोजन का वितरण’ विषय पर आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया। वहीं, राज्यसभा सांसद सस्मित पात्रा ने शांति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर स्थायी समिति की विशेषज्ञ सुनवाई में भाग लिया। सुनवाई का विषय ‘संघर्ष के समय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा : अंतर्राष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक आर्थिक स्थिरता की रक्षा में संसदों की भूमिका’ था।
रूस की संघीय सभा के उपसभापति से द्विपक्षीय बैठक
भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने रूस की संघीय सभा की संघ परिषद के उपसभापति कॉन्स्टेंटिन कोसाचेव के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
आईपीयू की निवर्तमान अध्यक्ष से मिले हरिवंश
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने आईपीयू की निवर्तमान अध्यक्ष तुलिया एकसन से मुलाकात की। उन्होंने आईपीयू के कामकाज को समावेशी और जीवंत बनाने के उनके प्रयासों की सराहना की। हरिवंश ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में संसदीय लोकतंत्र को गहरा और व्यापक बनाने के उनके प्रयासों की भी प्रशंसा की।
आईपीयू की नवनिर्वाचित महासचिव से मुलाकात
राज्यसभा के महासचिव ने अंतर-संसदीय संघ की नवनिर्वाचित महासचिव आंदा फिलिप से मुलाकात की। वह आईपीयू के 137 साल के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। यह मुलाकात तुर्की के इस्तांबुल में आयोजित आईपीयू की 152वीं सभा के दौरान हुई थी। इस दौरान भारत की संसद की ओर से लोकतंत्र और शांति को बढ़ावा देने के आईपीयू के आदर्शों के प्रति पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया गया। बातचीत के अंत में उन्हें सफल और यादगार कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
आपातकालीन मद पर मतदान में भारत की भागीदारी
भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा की कार्यसूची में आपातकालीन मद को शामिल करने के लिए हुए मतदान में भी भाग लिया। मतदान के बाद आईपीयू अध्यक्ष ने घोषणा की कि नेपाल द्वारा प्रस्तावित और भारत समेत अन्य देशों द्वारा समर्थित मद को आपातकालीन मद के रूप में स्वीकार कर लिया गया है।
हिमालयी क्षेत्र में जलवायु आपदाओं पर तत्काल कार्रवाई
आपातकालीन मद का विषय ‘जलवायु संबंधी आपदाओं से निपटने और हिमालयी क्षेत्र तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में गतिशीलता सुदृढ़ करने के लिए तत्काल संसदीय कार्रवाई’ था। इसे अरुशा में आयोजित आईपीयू की 153वीं विधानसभा की कार्यसूची में आपातकालीन मद के रूप में शामिल किया गया।