हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज ने कहा कि सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने, कुशल चालकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में अंबाला जिले के गांव शाहपुर में अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल (आईडीटीआर) स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में आज परिवहन विभाग और मैसर्ज अशोक लीलेण्ड के बीच समझौता किया गया।
विज ने बताया कि यह संस्थान लगभग 13 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा, जिसे हरियाणा सरकार और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम) मैसर्ज अशोक लेलैंड लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया जाएगा। यह संस्थान भारी मोटर वाहन (एचएमवी) तथा हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) चालकों को वैज्ञानिक, अनुशासित एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
विज ने बताया कि संस्थान में भारी मोटर वाहन (एचएमवी) तथा हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) के चालकों के लिए फ्रेशर ट्रेनिंग कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिससे नए आवेदक उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण प्राप्त कर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे। इसके साथ ही, पहले से लाइसेंसधारी चालकों के लिए रिफ्रेशर प्रशिक्षण, लाइसेंस नवीनीकरण से संबंधित प्रशिक्षण तथा ओरिएंटेशन कार्यक्रम भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि उनके कौशल को समय-समय पर अद्यतन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि संस्थान में मालवाहक (गुडस कैरिज) तथा खतरनाक पदार्थ (हजार्डयज गुडस) का परिवहन करने वाले चालकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें सुरक्षा मानकों, आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव, वाहन संचालन की विशेष तकनीकों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। इससे न केवल परिवहन क्षेत्र में दक्ष मानव संसाधन तैयार होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी नई मजबूती मिलेगी और हरियाणा सुरक्षित एवं आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाएगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि इस संस्थान की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हरियाणा सरकार के सड़क सुरक्षा विजन को साकार करना तथा चालकों के कौशल स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक ही सुरक्षित यातायात व्यवस्था की आधारशिला हैं। इसलिए संस्थान में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से चालकों में यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता, अनुशासित ड्राइविंग और जिम्मेदार व्यवहार को विशेष रूप से विकसित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाने में मदद मिलेगी।
परिवहन मंत्री ने कहा कि गांव शाहपुर, जिला अंबाला में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) की स्थापना होने से केवल अंबाला ही नहीं, बल्कि यमुनानगर, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, जींद सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों के युवाओं एवं चालकों को आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे अंबाला क्षेत्र आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि आईडीटीआर का उद्देश्य केवल ड्राइविंग सिखाना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार और प्रशिक्षित चालक तैयार करना है, जो सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हों और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
परिवहन मंत्री ने बताया कि संस्थान में आधुनिक डिजिटल एसी कक्षाएं, अत्याधुनिक ड्राइविंग सिम्युलेटर, इंजन एवं ट्रांसमिशन की लाइव डेमोंस्ट्रेशन सुविधा, कट-सेक्शन मॉडल रूम, मेडिकल रूम, पुस्तकालय, कैंटीन, योग कक्ष तथा बाहरी राज्यों से आने वाले प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि संस्थान में प्रतिवर्ष लगभग 2,000 नए चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 20,000 चालकों को रिफ्रेशर ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, जिससे उनके ड्राइविंग कौशल में निरंतर सुधार होगा।
विज ने बताया कि संस्थान में आधुनिक प्रशिक्षण ट्रैक विकसित किए जाएंगे, जिनमें 8-बेंड, एस-बेंड, हेयरपिन बेंड, हंप एरिया, रिवर्स पार्किंग, एच-बेंड तथा वी-बेंड जैसी संरचनाएं शामिल होंगी। इन ट्रैकों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चालक वास्तविक सड़क परिस्थितियों में सुरक्षित एवं दक्ष ड्राइविंग का अनुभव हासिल करेंगे।