अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने शुक्रवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और कहा कि मामले की जांच चल रही है। डीजीपी गौरव यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मैंने अभी इस मामले से जुड़ी घटना वाली जगह का मुआयना किया है। इससे पहले, मैं पीड़ित परिवार से मिला और उनके प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।" डीजीपी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। अब तक सामने आए तथ्यों से पता चलता है कि यह घटना रात करीब 12.30 बजे हुई। कल रात करीब 9.30 बजे हमलावरों ने दोपहिया वाहन पर उनका पीछा किया औरपिस्तौल से बहुत करीब से गोली मारी। हमें घटनास्थल से एक खाली कारतूस मिला है, जिसे अभी फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। घटनास्थल पर खून के धब्बे मिले हैं। उन्हें पीछे से, गर्दन के पिछले हिस्से के पास एक गोली लगी। मौत की सही वजह का पता पोस्टमार्टम के बाद ही चलेगा।
उधर,एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के बाद कांग्रेस और भाजपा ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने शुक्रवार को कहा कि यह घटना दिखाती है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस समय सबसे खराब है।
कांग्रेस नेता राजकुमार वेरका ने कहा कि इस घटना से साफ हो जाता है कि राज्य सरकार की कानून व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। अमृतसर में ड्यूटी पर तैनात एएसआई की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये कोई नई बात नहीं है। हजारों कत्ल हो रहे हैं। लोग इंतजार कर रहे हैं कि कब समय आए और इस सरकार को बाहर करे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अमृतसर में एएसआई की हत्या की निंदा की। पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष रविकरण सिंह काहलों ने समाचार एजेंसी से कहा, "पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस समय सबसे खराब है। दिनदहाड़े लोगों को गोली मारी जा रही है और पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। आज हमारे पुलिसकर्मी एएसआई हरजीत सिंह, जो अमृतसर के गेट हकीमा में तैनात थे, की गोली मारकर हत्या कर दी गई।"
उन्होंने कहा, "मैं इस घटना की निंदा करता हूं और पंजाब पुलिस से अपील करता हूं कि वे अपनी कोशिशें तेज करें और पंजाब को बचाने के लिए इन सभी असामाजिक तत्वों का सफाया करें।"
भाजपा नेता एचएस फूलका ने कहा, "पंजाब में कानून-व्यवस्था की हालत बहुत खराब है। हालात इतने बुरे हैं कि गैंगस्टर और ड्रग तस्कर राज्य पर राज कर रहे हैं। पंजाब में यही स्थिति है। राज्य बहुत बुरे दौर से गुजर रहा है।"