Thursday, October 08, 2026
BREAKING
• ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर ने सामाजिक बुराइयों पर फिल्मों के जरिए प्रहार किया : प्रधानमंत्री मोदी • आईपीयू विधानसभा में भारत ने सुशासन, शांति और जलवायु कार्रवाई पर रखा पक्ष • नई दिल्ली : खड़गे के बुलावे पर लंच पर पहुंचे राहुल और प्रियंका, राजघाट जाने का प्लान, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी • महिलाओं तक सीमित नहीं ब्रेस्ट कैंसर, पुरुषों को भी हो सकता है : WHO • टेलीकॉम से टेक्नोलॉजी तक आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे कदम: पीएम मोदी • देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई, विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है : गौरव भाटिया • अफ्रीका के साथ विकास साझेदारी भारत के जुड़ाव में हमेशा अहम रही: विदेश मंत्री जयशंकर • गोवा के मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक, उनकी अनूठी अभिनय शैली को सराहा • मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे: पीएम मोदी • कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, कमजोर कड़ी नहीं बनना है : वायुसेना प्रमुख एपी सिंह

राष्ट्रीय

अफ्रीका के साथ विकास साझेदारी भारत के जुड़ाव में हमेशा अहम रही: विदेश मंत्री जयशंकर

08 अक्टूबर, 2026 04:59 PM

नई दिल्ली(एजेंसी) : विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव में विकास साझेदारी हमेशा से अहम रही है और भारत की सहयोग नीति अपने अफ्रीकी साझेदार देशों की जरूरतों और प्राथमिकताओं पर आधारित रही है। कोटे डी आइवर में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के पूर्व प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने के साथ ही साझेदार देशों से भी सीखता है।

कंपाला सिद्धांतों का किया जिक्र
जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आठ साल पहले बताए गए ‘कंपाला सिद्धांतों’ का जिक्र करते हुए कहा कि इन सिद्धांतों ने अफ्रीका के साथ भारत के रिश्तों और सहयोग की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत का प्रयास रहा है कि उसके सहयोग से अफ्रीकी साझेदारों की वास्तविक जरूरतों और प्राथमिकताओं को पूरा किया जा सके।

क्षमता निर्माण में आईटीईसी की अहम भूमिका
विदेश मंत्री ने कहा कि आईटीईसी के जरिए भारत विकास, सुरक्षा और शासन से जुड़े अपने अनुभव तथा बेहतर कामकाजी तरीकों को साझेदार देशों के साथ साझा करता है। इसके साथ ही तकनीक और विशेषज्ञता के क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है।

साझेदार देशों से भारत भी सीखता है
एस. जयशंकर ने कहा कि आईटीईसी केवल भारत के अनुभव दूसरे देशों तक पहुंचाने का माध्यम नहीं है। भारत भी साझेदार देशों से आने वाले प्रतिभागियों के अनुभवों से सीखता है। उन्होंने कहा कि जिन भारतीय संस्थानों में आईटीईसी प्रतिभागी प्रशिक्षण और अध्ययन के लिए जाते हैं, वे संस्थान भी उनके अनुभव और मौजूदगी से लाभान्वित होते हैं।

62 साल पूरे कर रहा आईटीईसी
विदेश मंत्री ने बताया कि इस साल आईटीईसी कार्यक्रम के 62 साल पूरे हो रहे हैं। इसकी शुरुआत 1964 में हुई थी और समय के साथ यह क्षमता निर्माण तथा दूसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए भारत के प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हो गया है।

160 से ज्यादा देशों तक पहुंच
जयशंकर ने कहा कि आईटीईसी कार्यक्रम अब 160 से ज्यादा साझेदार देशों तक पहुंच चुका है। इसके तहत हर साल अलग-अलग क्षेत्रों में करीब 10 हजार लोगों को पूरी तरह वित्त पोषित प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का दायरा समय के साथ लगातार बढ़ा है।

डिजिटल गवर्नेंस से कृषि और ऊर्जा तक प्रशिक्षण
उन्होंने कहा कि आईटीईसी के तहत सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), डिजिटल गवर्नेंस, लोक प्रशासन, बैंकिंग, वित्त, कृषि, ऊर्जा और कौशल विकास जैसे कई क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसके अलावा रक्षा, सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबले से जुड़ी ट्रेनिंग भी कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका उद्देश्य साझेदार देशों की अलग-अलग जरूरतों के अनुरूप क्षमता निर्माण का व्यापक अवसर उपलब्ध कराना है।

कोटे डी आइवर के साथ क्षमता निर्माण पर जोर
भारत और कोटे डी आइवर के पुराने और मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख करते हुए जयशंकर ने कहा कि क्षमता निर्माण दोनों देशों की साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में कोटे डी आइवर ने करीब 800 आईटीईसी स्लॉट का इस्तेमाल किया है।

मानव संसाधन में निवेश को बताया महत्वपूर्ण
जयशंकर ने कहा कि आईटीईसी के तहत प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण मानव संसाधन में एक महत्वपूर्ण निवेश है। उन्होंने कहा कि इससे भी अधिक अहम यह है कि ऐसे कार्यक्रम भारत और साझेदार देशों के बीच दीर्घकालिक संबंधों को मजबूत करते हैं।

रक्षा और नागरिक क्षेत्रों के लिए नए स्लॉट
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने कोटे डी आइवर के लिए रक्षा क्षेत्र में 123 स्लॉट और नागरिक क्षेत्रों में 100 स्लॉट देने की प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच नियमित आदान-प्रदान को भारत महत्वपूर्ण मानता है।

लोगों के बीच जुड़ाव रिश्तों की असली ताकत
एस. जयशंकर ने कहा कि संपत्तियां बनाई जा सकती हैं और लोग एक-दूसरे के देशों की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए बनने वाला आपसी जुड़ाव, साझा अनुभव और यादें रिश्तों की वास्तविक ताकत होती हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह के मानवीय संपर्क भारत और उसके साझेदार देशों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूत करते हैं।

Have something to say? Post your comment

और राष्ट्रीय खबरें

‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर ने सामाजिक बुराइयों पर फिल्मों के जरिए प्रहार किया : प्रधानमंत्री मोदी

‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर ने सामाजिक बुराइयों पर फिल्मों के जरिए प्रहार किया : प्रधानमंत्री मोदी

आईपीयू विधानसभा में भारत ने सुशासन, शांति और जलवायु कार्रवाई पर रखा पक्ष

आईपीयू विधानसभा में भारत ने सुशासन, शांति और जलवायु कार्रवाई पर रखा पक्ष

नई दिल्ली : खड़गे के बुलावे पर लंच पर पहुंचे राहुल और प्रियंका, राजघाट जाने का प्लान, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी

नई दिल्ली : खड़गे के बुलावे पर लंच पर पहुंचे राहुल और प्रियंका, राजघाट जाने का प्लान, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी

टेलीकॉम से टेक्नोलॉजी तक आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे कदम: पीएम मोदी

टेलीकॉम से टेक्नोलॉजी तक आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ रहे कदम: पीएम मोदी

देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई, विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है : गौरव भाटिया

देश में दो विचारधाराओं की लड़ाई, विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है : गौरव भाटिया

गोवा के मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक, उनकी अनूठी अभिनय शैली को सराहा

गोवा के मुख्यमंत्री ने नाना पाटेकर के निधन पर जताया शोक, उनकी अनूठी अभिनय शैली को सराहा

मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे: पीएम मोदी

मोबाइल फोन बना गुड गवर्नेंस का टूल, 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे: पीएम मोदी

कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, कमजोर कड़ी नहीं बनना है : वायुसेना प्रमुख एपी सिंह

कितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न आए, कमजोर कड़ी नहीं बनना है : वायुसेना प्रमुख एपी सिंह

6जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा भारत, 10 साल में 100 करोड़ पहुंचा ब्रॉडबैंड बेस: ज्योतिरादित्य सिंधिया

6जी में दुनिया का नेतृत्व करेगा भारत, 10 साल में 100 करोड़ पहुंचा ब्रॉडबैंड बेस: ज्योतिरादित्य सिंधिया

जिन्होंने अपने निजी सुख का त्याग किया, वही वीर साधक राष्ट्र के लिए धन्य माने जाते हैं : पीएम मोदी

जिन्होंने अपने निजी सुख का त्याग किया, वही वीर साधक राष्ट्र के लिए धन्य माने जाते हैं : पीएम मोदी