सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अजीबोeगरीब याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को तगड़ी डांट पिलाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक शख्स SC में देश के लिए एक नया राष्ट्रीय ध्वज अपनाने की मांग लेकर पहुंचा था। नया डिजाइन उसने खुद तैयार किया था और उसने उच्चतम न्यायालय से कहा कि अब तिरंगे को हटाकर इसे नया राष्ट्रीय ध्वज बना दिया जाए। याचिका देखते ही सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमकर क्लास लगाई।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने याचिका को तुरंत खारिज कर दिया। इससे पहले व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए याचिकाकर्ता ने हिंदी में तर्क देते हुए कहा कि वह एक संकट से जूझ रहा है और उसने न्याय और सनातन धर्म की रक्षा के लिए यह झंडा बनाया है। उसने कहा, "हमारे ऊपर संकट है। हम प्रकृति से लड़ रहे हैं। हम न्याय के लिए सत्य झंडा, संतान धर्म और मंदिर पर लगाया था।”
अपने घर में लगाओ- SC
शख्स की दलीलों पर पीठ ने असंतोष जताया। कोर्ट ने पूछा कि क्या वह तिरंगे की जगह अपने डिजाइन किए गए झंडे को राष्ट्रध्वज बनाना चाहता है। इस पर याचिकाकर्ता ने कहा, “वो सत्य का झंडा है। प्रकृति के सत्य के आधार पर। हमारे न्याय के लिए वो हमारा हथियार है।” इस सुप्रीम कोर्ट ने भी हिंदी में जवाब दिया और कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज कानून द्वारा पहले ही स्थापित और मान्य है।
अदालत ने याचिकाकर्ता से पूछा, "राष्ट्रीय ध्वज पहले ही स्थापित है। उसका डिजाइन आप एक्सप्लेन कर सकते हैं? आते रंग का मतलब क्या है एक्सप्लेन कर सकते हैं?" याचिकाकर्ता को स्पष्ट शब्दों में कहते हुए पीठ ने कहा, "आप अपने घर पे लगाइए आपका झंडा।" याचिकाकर्ता ने फिर कहा कि वह इस झंडे को पहले ही एक मंदिर में लगा चुका है। हालांकि पीठ ने मामले पर और चर्चा करने से इनकार कर दिया और याचिका खारिज कर दी।