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स्पेससूट : स्पेस में एस्ट्रोनॉट्स की जान बचाने वाला 'छोटा अंतरिक्ष यान', जानें खासियत

27 फ़रवरी, 2026 01:44 PM

नई दिल्ली : स्पेसवॉक के दौरान अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन या यान से बाहर निकलकर महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम देते हैं। इस दौरान उनकी सुरक्षा का सबसे अहम कवच 'स्पेससूट' होता है। वास्तव में, स्पेससूट मात्र एक पहनावा नहीं, बल्कि एक सूक्ष्म व्यक्तिगत अंतरिक्ष यान है। यह अंतरिक्ष की प्रतिकूल और खतरनाक परिस्थितियों में यात्रियों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार करता है।

स्पेससूट अंतरिक्ष यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह एस्ट्रोनॉट को अंतरिक्ष के बेहद मुश्किल हालातों में भी सुरक्षित रखता है। अंतरिक्ष में हवा नहीं होती, तापमान बहुत ज्यादा गर्म या ठंडा होता है, सूरज की तेज किरणें और विकिरण होते हैं, छोटी-छोटी धूल की कण गोली की रफ्तार से आकर चोट पहुंचा सकते हैं। स्पेससूट इन सभी खतरों से सुरक्षा देता है। यह ऑक्सीजन सप्लाई करता है, कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालता है, तापमान नियंत्रित रखता है, पीने का पानी देता है और एस्ट्रोनॉट को अंतरिक्ष में तैरते हुए काम करने की आजादी देता है।

स्पेससूट की खासियत है कि यह कई परतों से मिलकर बनता है। हर परत का अलग काम होता है।

छाती का हिस्सा जिसे हार्ड अपर टोरसो भी कहते हैं, यह कठोर होता है और सिर, हाथों और बैकपैक से जुड़ता है। वहीं, भुजाएं और दस्ताने हाथों को लचीलापन देते हैं ताकि काम आसानी से हो सके। हेलमेट सिर की सुरक्षा करता है। इसमें धातु की परत चढ़ा हुआ विजर होता है, जो तेज सूरज की रोशनी से आंखों को बचाता है। पैर और बूट पैरों को ढकते हैं और विभिन्न सतहों पर चलने में मदद करते हैं। इसमें लिक्विड कूलिंग एंड वेंटिलेशन गारमेंट होता है, जो सूट के नीचे पहना जाने वाला कपड़ा है। यह पूरे शरीर को ढकता है। इसमें नलियां होती हैं, जिनमें ठंडा पानी बहता है ताकि एस्ट्रोनॉट गर्मी से परेशान न हों।

स्पेससूट में पोर्टेबल लाइफ सपोर्ट सिस्टम भी होता है, जो पीठ पर लगे बैग जैसा होता है। इसे सूट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कहा जाता है। इसमें ऑक्सीजन, बैटरी, पंखा, पानी की टंकी और कार्बन डाइऑक्साइड हटाने की मशीन होती है। यह बैग सूट को बिजली और सांस चलाने वाली हवा देता है। पीठ के बैग से जुड़ा एक छोटा जेटपैक भी होता है, जिसे सैफर कहते हैं। इसमें छोटे थ्रस्टर होते हैं। अगर एस्ट्रोनॉट स्टेशन से दूर बह जाए, तो सैफर वापसी में मदद करता है। एक स्पेसवॉक में सूट की वजह से 6 से 8 घंटे या उससे ज्यादा समय तक सुरक्षित रह सकते हैं।

लॉन्च और लैंडिंग के लिए नारंगी एडवांस्ड क्रू एस्केप सूट और सोकोल सूट पहने जाते हैं। नासा आर्टेमिस और मंगल मिशन के लिए नए सूट बना रहा है। ये सूट ज्यादा लचीले, हल्के, डस्टप्रूफ और लंबे समय तक चलने वाले होंगे। मंगल पर गुरुत्वाकर्षण ज्यादा है इसलिए सूट का वजन और डिजाइन अलग होगा। नए सूट एस्ट्रोनॉट को ज्यादा आजादी देंगे और खुरदरी सतह पर काम आसान बनाएंगे।

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