सिरसा।।(सतीश बंसल)। हरियाणा स्टेट पेंशनर्स समाज सिरसा, बाबा सरसाईनाथ नाथ बुक बैंक वेलफेयर ट्रस्ट सिरसा व श्री गौशाला सिरसा ने सिरसा में आईआईटी की स्थापना के लिए प्रस्ताव पारित कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भेजा है। ट्रस्ट के अध्यक्ष गुरदीप सैनी, श्री गौशाला के प्रधान राजेंद्र कुमार रातुसरिया व पेंशनर समाज के जिला अध्यक्ष राजेंद्र मोहन गुप्ता ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार की ओर से हरियाणा में भारतीय प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण संस्थान स्थापना की जानी है। यह शिक्षण संस्थान हरियाणा को एक नई बुलंदी प्रदान करेगा। जिला सिरसा हरियाणा की त्रिवेणी है, यहां पर राजस्थान, पंजाब और हरियाणा तीनों राज्यों की संस्कृति का समावेश है। यदि संस्थान सिरसा में स्थापित होता है तो तीन राज्यों के युवा लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि जिला सिरसा की भौगोलिक स्थिति बहुत ही अच्छी है यहां वर्ष भर मौसम मानव अनुकूल रहता है। प्राकृतिक की गोद में बसा यह जिला प्रदूषण, भीड़ एवं अत्यधिक गर्मी. सर्दी व वर्षा आदि से पूर्णतया सुरक्षित है। सामाजिक तौर पर बहुत ही शांत जिला है। यहां पर अलग-अलग संस्कृति, धर्म, समुदाय के लोग बहुत ही सद्भाव से अपना जीवन यापन करते हैं। इसके अलावा सिरसा संतों की नगरी है। यहां पर महान संत बाबा सरसाईनाथ जी, सावन सिंह जी, मस्ताना जी, बाबा प्रीतम सिंह जी, सतगुरु प्रताप सिंह जी यहां तक की प्रथम पातशाही गुरु नानक देव जी और दसवीं पातशाही गुरु गोविंद सिंह जी के भी चरण जिला सिरसा में पड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिला सिरसा का बहुत बड़ा भूभाग सेम ग्रसित व बिरानी भी है। कृषि के पर्याप्त साधनों न होने के कारण अधिक उपज नहीं हो पाती। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में भी सिरसा पिछड़ा हुआ है। सिरसा में चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी के अलावा कोई बड़ा शिक्षण संस्थान उपलब्ध नहीं है। यही नहीं जिला के उपायुक्त द्वारा गांव मिठी सुरेरां में 300 एकड़ भूमि शिक्षण संस्थान के लिए अधिग्रहण हेतु हरियाणा तकनीकी विभाग औपचारिकताएं अनुसार नकल व जमाबंदी के साथ-साथ ग्राम पंचायत के प्रस्ताव भी लेने आरंभ कर दिए गए हैं। सभी दृष्टिकोण से आईआईटी निर्माण के लिए सिरसा उपयुक्त जिला है। इस अवसर पर शमशेर शर्मा, प्रेम कंदोई, सतीश मित्तल, अजीत सिंह रंगा, अनिल सैनी, नवीन सिंगला, बलवंत सिंह, फतेह सिंह विर्क, आशीष सिंगला, सौजन्य विमलेश, राज कुमार खूंगर सहित तीनों सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।