पंचकूला : हरियाणा के पंचकूला में नगर निगम चुनाव के मतदान के बाद सियासत गरमा गई है। EVM की सुरक्षा को लेकर कांग्रेस प्रत्याशी सुधा भारद्वाज ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्ट्रांग रूम के बाहर लगे CCTV कैमरों के बंद होने की खबर मिलते ही कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया, जिसके बाद विधायक चंद्रमोहन और समर्थकों ने काउंटिंग सेंटर पर डेरा डाल दिया। कांग्रेस प्रत्याशी के पति संजीव भारद्वाज ने आरोप लगाया कि स्ट्रांग रूम की निगरानी करने वाला मुख्य कैमरा सुबह 9:21 से 11:10 तक बंद मिला। उन्होंने इसे लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ बताते हुए फोटो भी जारी किए, जिसमें डिस्प्ले स्क्रीन पर कैमरा बंद दिखाई दे रहा है। सुधा भारद्वाज ने तंज कसते हुए कहा, "यहाँ सभी पार्टियों के प्रत्याशी अपनी EVM की चिंता में मौजूद हैं, लेकिन बीजेपी प्रत्याशी का गायब होना कई संदेश देता है। शायद उन्हें पहले से पता है कि अंदर क्या हो रहा है।" उन्होंने 10 मई को हुए मतदान के बाद काउंटिंग में तीन दिन की देरी को भी सोची-समझी साजिश करार दिया।
कांग्रेस के तीखे सवाल: प्रशासन क्या छिपाना चाहता है?
संजीव भारद्वाज ने प्रशासन से जवाब मांगा है कि आखिर कैमरे बंद होने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है? क्या बंद कैमरों की आड़ में पारदर्शिता से समझौता किया गया? 24×7 निगरानी अनिवार्य होने के बावजूद यह लापरवाही कैसे हुई?
प्रशासन का पक्ष : कैमरा बंद नहीं, केवल डिस्प्ले खराब था
हंगामे की सूचना मिलते ही सहायक रिटर्निंग अधिकारी (SDM) संयम गर्ग मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, "कैमरे बंद नहीं हुए थे, केवल बाहर लगी डिस्प्ले स्क्रीन पर तस्वीरें नहीं दिख रही थीं। स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित है और चुनावी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।"
"कांग्रेस प्रत्याशी की संतुष्टि के लिए उन्हें पूरी फुटेज दिखाई जाएगी। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी का सवाल ही पैदा नहीं होता।" — संयम गर्ग, सहायक रिटर्निंग अधिकारी