हिसार : वनवासी कल्याण आश्रम की स्थापना, उसके उद्देश्य व जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कार्यों पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने विस्तार से चर्चा की। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने जनजातीय समाज की समस्याओं और उनके समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इस अवसर पर अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संरक्षक सौम्या जुलू, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रामबाबू सिंगल, उत्तर क्षेत्र नगरीय कार्य प्रमुख जयभगवान, प्रदेश सचिव रामनिवास अग्रवाल सीए व जिला अध्यक्ष संजीव अरोड़ा सहित हिसार इकाई के सभी पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
पत्रकारों से अपने अनुभव साझा करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने कहा कि वनवासी क्षेत्रों में बहुत से लोगों का धर्मांतरण किया जा रहा है। धर्मांतरण करने वाले लोगों को एसटी आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। इसलिए डीलिस्टिंग की मांग की जा रही है। उन्होंने बताया कि डीलिस्टिंग के लिए जनजातीय सुरक्षा मंच कई वर्षों से अभियान चलाए हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मांतरित वनवासी अपनी मूल परंपराओं व सनातन संस्कृति को छोडक़र दोहरा लाभ उठा रहे हैं। इसलिए धर्मांतरण करने वालों को अनुसूचित जनजाति की सूची से बाहर करना नितांत आवश्यक है। ऐसा करने से वनवासी बंधुओं के हितों की सही मायने में रक्षा हो सकेगी। सतेंद्र सिंह ने बताया कि डीलिस्टिंग की मांग को लेकर 24 मई को जनजातीय सुरक्षा मंच के तत्वावधान में दिल्ली के लाल किला मैदान में विशाल आंदोलन भी किया जाएगा। इस आंदोलन में देशभर के वनवासी क्षेत्रों से लोग बढ़-चढक़र हिस्सा लेंगे। इतना ही नहीं इस आंदोलन में हरियाणा, पंजाब व दिल्ली की विशेष भूमिका रहेगी। उन्होंने बताया कि 24 मई को यह आंदोलन जनजातीय आध्यात्मिक संगम के रूप में मनाया जाएगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम ने देश के दूरदराज के जंगलों और जनजातीय क्षेत्रों में स्थित 64 हजार से अधिक गांवों तक अपनी पहुंच बना ली है। दरअसल जनजातीय समाज तक पहुंचना बहुत बड़ा कार्य है। उन्होंने कहा कि वनवासी समुदायों के समग्र विकास के लिए कार्य किया जा रहा है और संगठन का उद्देश्य 12 करोड़ से अधिक वनवासियों तक पहुंचना है। हमारे कार्यकर्ता दूरस्थ जंगलों और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों से संपर्क कर रहे हैं ताकि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को सुनिश्चित किया जा सके।
सौम्या जुलू ने पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम शिक्षा प्रसार कार्यक्रम, जनजातीय विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं, समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा, गांव स्तर पर बुनियादी ढांचे व आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए पूरी शिद्दत से प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा, पंजाब व दिल्ली में जनजातीय समाज का निवास नहीं है इसके बावजूद ऐसे क्षेत्रों में भी नगरीय कार्य, महिला कार्य, युवा कार्य व प्रचार-प्रसार का कार्य अनवरत चल रहा है।
इस दौरान रामबाबू सिंगल व जयभगवान ने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम देशभर के वनवासी क्षेत्रों में रहने वाले बंधुओं को समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए प्रयासरत है। देशभर में 12 करोड़ वनवासी हैं और उनकी उन्नति के लिए शिक्षा, चिकित्सा व ग्राम विकास जैसे 22 हजार से अधिक सेवा प्रकल्प वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा देशभर में चलाए जा रहे हैं। इन प्रकल्पों से दो करोड़ वनवासी बंधु लाभान्वित हो रहे हैं। हरियाणा के समाजसेवियों के सहयोग से हर वर्ष वस्त्र, राशन व अन्य सामग्री के कई ट्रक वनवासी बंधुओं की सहायतार्थ भेजे जाते हैं।
इस अवसर पर जिला सचिव अजय सैनी, कोषाध्यक्ष पर्व गुप्ता, उपाध्यक्ष बजरंग व ईश्वर सैनी, सह सचिव पवन राड़ा, कार्यकारिणी सदस्य मनीष बिंदल, गौरव सिंगला, समीर सरदाना व अंकुश सर्राफ सहित तमाम पदाधिकारी व सदस्यगण उपस्थित रहे।