केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को भारतीय वायु सेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके आगामी कार्यकाल के शानदार रहने की कामना की। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने शनिवार को 29वें ‘चीफ ऑफ द एयर स्टाफ’ के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह का स्थान लिया, जो 42 वर्षों की शानदार सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संदेश
‘X’ पर पोस्ट करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, “नए नियुक्त चीफ ऑफ द एयर स्टाफ, एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित से मुलाकात की। वे एक बेहतरीन वायु योद्धा हैं, जो अपने शानदार नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। मैं उनके आगामी कार्यकाल के शानदार रहने की कामना करता हूं।”
लंबा और समृद्ध करियर
नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के पूर्व छात्र एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। चार दशकों के करियर में उन्होंने ऑपरेशंस, फ्लाइट टेस्टिंग, क्षमता विकास और जॉइंट स्टाफ असाइनमेंट जैसे क्षेत्रों में व्यापक अनुभव हासिल किया। भारतीय वायु सेना के अनुसार, वे एक कुशल फाइटर पायलट, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट हैं।
उनके पास मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करणों, जगुआर और कई ट्रांसपोर्ट विमानों सहित विभिन्न विमानों को उड़ाने का 3,300 घंटे से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जगुआर और मिग-27 अपग्रेड प्रोजेक्ट्स को अंतिम रूप देने तथा LCA Mk-I तेजस के लिए ‘इनिशियल ऑपरेशनल क्लीयरेंस’ (IOC) और ‘फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस’ (FOC) प्रक्रियाओं को पूरा करने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।
उनके ऑपरेशनल कमांड असाइनमेंट्स में मिराज-2000 स्क्वाड्रन, पश्चिमी सेक्टर में एक फॉरवर्ड बेस सपोर्ट यूनिट और वायु सेना स्टेशन बीदर की कमान शामिल है। उन्होंने सदर्न एयर कमांड में एयर डिफेंस कमांडर, साउथ वेस्टर्न एयर कमांड में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर और डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में भी काम किया। बाद में वे सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान वे चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन के लिए चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के पद पर रहे। चीफ बनने से पहले वे वाइस-चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के पद पर कार्यरत थे। उन्हें वायु सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
नई प्राथमिकताएं और ‘VAYU’ विजन
रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए एयर चीफ मार्शल दीक्षित ने कहा कि 29वें चीफ ऑफ द एयर स्टाफ के रूप में कार्यभार संभालना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारतीय वायु सेना पूरी तरह सतर्क रहेगी, खुद को आधुनिक बनाती रहेगी और जब भी देश को जरूरत होगी, जवाब देने के लिए तैयार रहेगी। उन्होंने वायु सेना की कॉम्बैट स्ट्रेंथ को उसके निर्धारित स्तर तक वापस लाना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताया। आधुनिक तकनीकों और नए ऑपरेशनल क्षेत्रों के आने से युद्ध के स्वरूप में बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि IAF को अगले दशक में भारत की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनना होगा।अपनी सोच और प्राथमिकताओं को उन्होंने ‘VAYU’ शब्द के जरिए समझाया:
– V : विजिलेंस (सतर्कता), विक्ट्री (जीत) और रेडीनेस (तैयारी)
– A : आत्मनिर्भरता
– Y : युक्ति
– U : यूनिटी ऑफ एफर्ट (प्रयासों में एकता)
उन्होंने तीनों सेनाओं और अन्य राष्ट्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और एकीकरण की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही एयर वॉरियर्स, अग्निवीरवायु कर्मियों, सिविलियन स्टाफ, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों का कल्याण, पेशेवर विकास और सुरक्षा अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा। देशवासियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “देशवासियों, भरोसा रखें कि आपकी वायु सेना सतर्क, तैयार और दृढ़ संकल्पित है। हमारा संकल्प स्पष्ट है: हमेशा तैयार रहना, लगातार खुद को बदलना और जब भी देश को जरूरत हो, अपना कर्तव्य निभाना।”