हरारे : जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में ईशान किशन का प्रदर्शन शानदार रहा। ईशान ने 44 गेंदों में 81 रनों की दमदार पारी खेली। ईशान ने कहा कि उनके पास शतक बनाने का मौका था, लेकिन व्यक्तिगत उपलब्धि हासिल करने से ज्यादा जरूरी भारत की पारी की गति को तेज करना था।
ईशान ने अपनी आतिशी पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए, जिसके दम पर भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 219 रन लगाने में सफल रही। 220 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जिम्बाब्वे की पूरी टीम सिर्फ 129 रन बनाकर ऑलआउट हुई। दूसरे टी20 को 90 रनों से अपने नाम करने के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी हासिल कर ली है।
दूसरे टी20 इंटरनेशनल में शतक से महज 19 रन दूर रहने के बावजूद, किशन ने कहा कि उन्होंने उस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए कभी भी धीमी गति से खेलने के बारे में नहीं सोचा। बीसीसीआई द्वारा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर किए वीडियो में किशन ने कहा, "सच कहूं तो, मेरे दिमाग में 100 रन बनाने की बात नहीं थी। मैं बस हर गेंद पर जोर से शॉट लगाने की कोशिश कर रहा था। मेरे पास थोड़ा धीमा खेलकर अपना शतक पूरा करने का विकल्प था। हालांकि, टीम हमेशा सबसे पहले आती है, टीम को प्राथमिकता देना जरूरी है।"
किशन ने उप-कप्तान तिलक वर्मा को भी श्रेय दिया, जिनकी सिर्फ 29 गेंदों में नाबाद 60 रनों की पारी ने सुनिश्चित किया कि भारत अंतिम ओवरों में भी तेजी से रन बनाता रहे। इस जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 94 रन जोड़े और मैच को जिम्बाब्वे की पहुंच से दूर कर दिया। उन्होंने कहा, "जब वह क्रीज पर आए तो यह बहुत महत्वपूर्ण था कि उन्होंने ज्यादा समय नहीं लिया। उन्होंने अपने शॉट्स खेलना शुरू कर दिया, जिससे मुझे भी काफी आत्मविश्वास मिला। मुझे बस ऐसा लगा कि हम फिर से एक अच्छी साझेदारी बना रहे हैं।"
अपनी साझेदारी के बारे में बात करते हुए किशन ने कहा कि स्पष्ट बातचीत ने दोनों को ऐसी पिच के अनुकूल ढलने में मदद की, जो अंतिम स्कोर से जितनी आसान लग रही थी, असल में वैसी नहीं थी। उन्होंने कहा, "हम बस अच्छे शॉट्स खेल रहे थे। हम मैदान पर एक-दूसरे से बहुत अच्छी तरह बात कर रहे थे, क्योंकि सच कहूं तो विकेट आसान नहीं था। गेंद कभी ऊपर तो कभी नीचे आ रही थी। लय बनाए रखने और टीम का लक्ष्य समझने के लिए उन्हें भी श्रेय जाता है। आखिर में सब हमारे पक्ष में रहा और हमने अच्छा स्कोर बनाया।"
किशन ने हरारे में भारतीय समर्थकों की भी खास तारीफ की और पूरी सीरीज के दौरान घर जैसा माहौल बनाने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, "यह बहुत अच्छी बात है। जब आप जिम्बाब्वे आते हैं तो इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है। वे यहां आते हैं, हमें सपोर्ट करते हैं, सभी मैच देखते हैं और यह वाकई कमाल का है। मुझे लगता है कि जब वे यहां हैं ही, तो क्यों न जाकर उनके साथ फोटो खिंचवा ली जाए। इस मुकाबले में बहुत सपोर्ट मिला। हमने इसका पूरा मजा लिया और उन सभी का शुक्रिया।"