पहली बार निर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विधायक एवं चर्चित लोकगायिका मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) ने सोमवार को पीली साड़ी और पारंपरिक पाग धारण कर मैथिली भाषा में विधायक पद की शपथ ली। अलीनगर से जीतकर सदन में पहुंचीं मैथिली ठाकुर बिहार की सबसे कम उम्र की विधायकों में शामिल हैं। शपथ ग्रहण के दौरान वह पारंपरिक परिधान पीली साड़ी और सिर पर पाग पहने नजर आईं, जिसने सदन का आकर्षण बढ़ा दिया।
युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध
मैथिली भाषा में शपथ लेने के उनके निर्णय को सांस्कृतिक पहचान और क्षेत्रीय गौरव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। शपथ के बाद उन्होंने कहा कि वह अपने क्षेत्र के विकास और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शपथ ग्रहण के दौरान पाग धारण करने से मिथिलांचल की सांस्कृतिक पहचान एक बार फिर सुर्खियों में आ गई। मिथिला क्षेत्र में सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक माने जाने वाला पाग उनके पारंपरिक वेश-भूषा का प्रमुख हिस्सा रहा।
हालांकि, चुनाव के दौरान मैथिली ठाकुर का पाग पहनकर मखाना खाने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर मैथिली समाज के एक वर्ग ने आपत्ति जताई थी। इससे पाग और मिथिला की सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर असंतोष सामने आया था। साथ ही, उनके प्रचार में आई उत्तर प्रदेश की एक विधायक द्वारा पाग को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी ने भी विवाद को बढ़ा दिया था। इन विवादों की पृष्ठभूमि में मैथिली ठाकुर का पारंपरिक परिधान में शपथ ग्रहण करना और भी महत्वपूर्ण हो गया। सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों का कहना है कि पाग केवल एक परिधान नहीं, बल्कि मिथिला की अस्मिता, सम्मान और गौरव का प्रतीक है, इसलिए इससे जुड़े किसी भी विवाद को लोग भावनात्मक रूप से लेते हैं।