प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुक्रवार को सुभाषित शेयर किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “समस्त शिवभक्तों को पावन-पुनीत श्री अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ की अनंत शुभकामनाएं! बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन की यह यात्रा आप सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। जय बाबा बर्फानी!”
पीएम ने एक श्लोक भी साझा किया है।
‘वाग्बुद्धिचित्तकरणैश्च तपोभिरुग्रैः, शक्यं समाकलयितुं न यदीयरूपम्।
तं भक्तिभावसुलभं शरणं नतानां, नित्यं भजाम्यऽमरनाथमहं दयालुम्॥’
श्लोक का अर्थ
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि जिनके स्वरूप को वाणी, बुद्धि, चित्त और इंद्रियों के द्वारा, यहां तक कि कठोर तपस्याओं से भी नहीं जाना जा सकता, जो भक्तिभाव से सहज ही प्राप्त हो जाते हैं और नतमस्तक भक्तों के आश्रय हैं, उन दयालु भगवान की मैं नित्य आराधना करता हूं।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी की ओर से 2 जुलाई गुरुवार को भी सुभाषित शेयर किया गया था। पीएम ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा था, “निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है। जीवन में वही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचता है, जो धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहता है।
उन्होंने एक श्लोक नानाश्रान्ताय श्रीरस्तीति रोहित शुश्रुम। पापो नृषद्वरो जन इन्द्र इच्चरतः सखा चरैवेति॥ भी शेयर किया था।
इस श्लोक का हिंदी अर्थ है कि जो मनुष्य निरंतर प्रयत्नशील रहता है, वह समृद्धि प्राप्त करता है, किंतु जो निष्क्रिय होकर बैठा रहता है, वह प्रगति से वंचित रह जाता है। निरंतर प्रयत्न करने वाले का भाग्य भी साथ देता है, इसलिए निरंतर कर्म करते रहो और आगे बढ़ते रहो।
पीएम ने 1 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सुभाषित में लिखा था, “डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता से भारतवर्ष को दुनियाभर में एक नई पहचान मिली है। इससे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की देशवासियों की संकल्पशक्ति का पता चलता है।”
उन्होंने विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवान्नरः। सोऽध्वनः पारमाप्नोति तद्विष्णोः परमं पदम्॥ शेयर किया था। जिसका हिंदी अर्थ है कि वह मनुष्य जिसकी विवेकपूर्ण बुद्धि वैज्ञानिक सारथि के समान जागरूक हो और जिसका मन संयमित हो, वह जीवन-पथ की जटिलताओं को पार कर परम लक्ष्य तक पहुंच जाता है।