प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के छह वर्ष पूरे होने पर लाभार्थियों और देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह योजना लाखों रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के जीवन में वित्तीय समावेशन, गरिमा और आत्मविश्वास का प्रतीक बनकर उभरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि स्वनिधि योजना केवल ऋण देने की योजना नहीं, बल्कि भरोसे, सशक्तिकरण और स्वावलंबन का प्रतीक है। उन्होंने सभी लाभार्थियों के परिश्रम और उद्यमशीलता की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने माय गव इंडिया की एक पोस्ट भी साझा की, जिसमें कहा गया कि पीएम स्वनिधि के छह वर्षों ने रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के जीवन में केवल बदलाव ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नए अवसर और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी पैदा की है। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वरोजगार, स्वावलंबन और स्वाभिमान के जरिए आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
योजना की उपलब्धियां
2020 में शुरू हुई इस योजना ने अब तक 75.5 लाख से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स को लाभ पहुंचाया है। योजना के तहत 1.12 करोड़ से ज्यादा ऋण वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि 17,800 करोड़ रुपये से अधिक है।
– 55 लाख से ज्यादा लाभार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया
– इन लाभार्थियों ने 8.96 लाख करोड़ रुपये के डिजिटल लेनदेन किए
– लाभार्थियों को 800 करोड़ रुपये से अधिक की कैशबैक और ब्याज सब्सिडी दी गई
योजना की खास बातें
– बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण
– चरणबद्ध ऋण: 15,000 → 25,000 → 50,000 रुपये तक का ऋण
– समय पर चुकाने पर ब्याज सब्सिडी और क्रेडिट गारंटी
– सफल चुकान वालों को 30,000 रुपये तक का Rupay Credit Card
– ‘स्वनिधि से समृद्धि’ कार्यक्रम के तहत परिवारों को अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना
– वित्तीय, डिजिटल साक्षरता और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण
सरकार ने योजना की सफलता को देखते हुए इसे मार्च 2030 तक बढ़ा दिया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की दृष्टि का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो अनौपचारिक शहरी अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़ने में सफल रही है।