पाकिस्तान ने 2025 के चक्रवात और बाढ़ से प्रभावित श्रीलंका को राहत सामग्री भेजी लेकिन राहत पहुँचने पर जांच में कई पैकिट्स और खाद्य पदार्थ पहले ही एक्सपायर पाए गए। यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान से भेजी गई राहत सामग्री को लेकर ऐसी आलोचना हो रही है। विशेषज्ञों और स्थानीय अधिकारियों ने इसे “मानवता नहीं, त्वरित दिखावा” बताया।
क्या है मामला?
सोशल मीडिया और कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी तस्वीरें वायरल हुईं जिनमें राहत पैकेज पर “Expired October 2024” जैसी तारिख देखी गई। पैकेज में भोजन, सूखा राशन, प्राथमिक चिकित्सा किट और अन्य राहत सामान था। छान-बीन में पाया गया कि इन वस्तुओं की वैधता समाप्त हो चुकी थी यानी यह सामान वास्तव में अब उपयोगी नहीं था।
यह नई गलती नहीं
ऐसे आरोप 2023 में भी सामने आए थे, जब पाकिस्तान ने तुर्की के भूकंप प्रभावित इलाकों के लिए भेजे गए राहत सामान को लेकर विवादित कदम उठाया था। विश्लेषकों का कहना है कि “कमी” या “गलती” से ज़्यादा, यह पाकिस्तान की मानवता दिखावे की राजनीति हो सकती है।
श्रीलंका की टिप्पणी
श्रीलंका के अधिकारियों और आम लोगों ने इस कदम को बेहद निंदनीय बताया। प्रभावितों को एक्सपायरी और अव्यवस्थित सामान मिलने पर क्षोभ हुआ। इस घटना ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राहत नहीं शर्मिंदगी
सोशल मीडिया पर लोगों ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए इसे “मदद की आड़ में धोखा” बताया। कई लोग कह रहे हैं कि ऐसे राहत पैकेज असहाय लोगों की मदद नहीं बल्कि मज़ाक बन गए हैं।