चंडीगढ़ : सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी के तहत आशीर्वाद योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अनुसूचित जातियों के 4572 लाभार्थियों को 23.32 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के समय आर्थिक सहारा प्रदान करती है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इस योजना से जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह के समय बड़ी राहत मिल रही है और सामाजिक सुरक्षा को और मजबूती मिल रही है।
डॉ. बलजीत कौर ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि आशीर्वाद योजना के तहत जिला बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर,
श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, लुधियाना, मानसा, मोगा, पटियाला, पठानकोट, रूपनगर, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर, संगरूर, मालेरकोटला और तरनतारन के कुल 4572 लाभार्थियों को इस राशि का लाभ दिया गया है।
सामाजिक न्याय मंत्री ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस राशि से जिला बरनाला के 125, बठिंडा के 761, फरीदकोट के 87, फिरोजपुर के 266, श्री फतेहगढ़ साहिब के 155, गुरदासपुर के 164, होशियारपुर के 441, लुधियाना के 332 और मानसा के 441 लाभार्थियों को वित्तीय सहायता दी गई है। इसी प्रकार जिला मोगा के 265, पटियाला के 126, पठानकोट के 221, रूपनगर के 293, एस.ए.एस. नगर के 166, एस.बी.एस. नगर के 83, संगरूर के 130, मालेरकोटला के 105 और तरनतारन के 411 लाभार्थियों को भी इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया गया है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए और परिवार गरीबी रेखा से नीचे का होना आवश्यक है।
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि यह योजना अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित परिवारों के लिए लागू है। उन्होंने कहा कि परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए और ऐसे परिवारों की अधिकतम दो बेटियों तक इस योजना का लाभ दिया जाता है।
उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय सहायता का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाता है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित होती है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार हर वर्ग के लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठाने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए जन-केन्द्रित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।